पटना मेट्रो का निर्माण जनता के लिए सिरदर्दी न बने, बेली रोड पर यातायात हर हाल में चलता रहे: मुख्यमंत्री
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पटना, एक अगस्त (एबीएन): मुख्यमंत्री सुमित कुमार ने कहा है कि पटना मेट्रो बिहार की राजधानी के विकास और आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली की एक महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन इसके निर्माण के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेहरू पथ (बेली रोड) पर यातायात की सुगमता को हर हाल में बनाए रखा जाए और जहां भी आवश्यकता महसूस हो, सड़कों को तत्काल चौड़ा करके वैकल्पिक मार्ग तैयार किए जाएं ताकि लाखों नागरिकों की दैनिक आवाजाही प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शनिवार को पब्लिक लोक सेवा भवन में स्थित "संकल्प" सभागार में सड़क निर्माण विभाग के कार्यों और बड़े बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में पटना मेट्रो के निर्माण के कारण बेली रोड पर बढ़ते यातायात दबाव, वैकल्पिक मार्गों और भविष्य की यातायात रणनीति पर विस्तार से विचार किया गया।
बैठक के दौरान सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और पटना मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर पाडुकुलक्टी ने मुख्यमंत्री को बताया कि नेहरू पथ पर यातायात दबाव को कम करने के लिए 11 वैकल्पिक मार्गों की पहचान की जा चुकी है। इन मार्गों की तकनीकी जांच के बाद जहां आवश्यकता होगी, वहां सड़कों की चौड़ाई में वृद्धि, जंक्शन का पुनर्निर्माण, अतिक्रमण का उन्मूलन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का काम किया जाएगा।
सुमित कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल योजना तक सीमित न रहें, बल्कि सभी मार्गों का तत्काल जमीनी निरीक्षण करें और प्रत्येक स्थान की आवश्यकताओं के अनुसार व्यावहारिक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाएं जनता की सुविधा के लिए होती हैं, इसलिए निर्माण कार्य के दौरान नागरिकों को यातायात जाम, लंबे इंतजार और अनावश्यक परेशानियों से बचाना सरकार की पहली जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना मेट्रो भविष्य में राजधानी के सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी, लेकिन इस दौरान यातायात का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सड़क निर्माण विभाग, पटना मेट्रो रेल निगम, जिला प्रशासन, नगर निगम और यातायात पुलिस के बीच मजबूत संपर्क स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संस्थाएं संयुक्त रूप से एक व्यापक कार्य योजना तैयार करें और इसके क्रियान्वयन को तेजी से सुनिश्चित करें।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जहां मेट्रो के निर्माण के कारण यातायात की सुगमता प्रभावित होने का खतरा हो, वहां पहले से वैकल्पिक मार्गों का प्रबंधन किया जाए और जनता को उचित मार्गदर्शन प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे अव्यवस्थित व्यावसायिक गतिविधियों के कारण भी यातायात प्रभावित होता है, इसलिए बेली रोड पर उचित वेंडिंग जोन स्थापित किए जाएं ताकि रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायी अपना रोजगार जारी रख सकें और यातायात की सुगमता भी प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि यातायात की स्थिति की निरंतर समीक्षा की जाए और आवश्यकतानुसार नई रणनीति अपनाई जाए ताकि निर्माण कार्य और नागरिक सुविधा दोनों एक साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास परियोजनाओं की पूर्ति नहीं है, बल्कि इन परियोजनाओं के दौरान भी जनता को अधिक से अधिक सुविधा प्रदान करना है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, शहरी विकास और आवास विभाग के सचिव व पटना मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर पाडुकुलक्टी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जिला मजिस्ट्रेट कुंदन कुमार, नगर आयुक्त यशपाल मीना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।