एमपी सरकार के 60 प्रतिशत उत्पादन खरीदने के फैसले के बाद किसानों का विरोध समाप्त
Awaz E Bihar••40 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
मध्य प्रदेश में जारी किसानों के प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने हर पात्र किसान से 60 प्रतिशत तक मूंग की खरीद का एलान किया है। नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ खरीद की जाएगी। इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग की अवधि 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है और मूंग की खरीद की अंतिम तिथि 20 अगस्त कर दी गई है। सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच मंत्रालय में बुधवार की रात हुई बैठक के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनने के बाद किसान अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए। प्रशासन ने बसों के माध्यम से किसानों को उनकी गाड़ियों तक पहुंचाया। देर रात तक प्रदर्शन पूरी तरह से समाप्त हो गया। अधिकारी सचिव शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि किसानों ने सहमति व्यक्त कर दी है। इसके बाद प्रशासन ने रोशनपुरा चौराहे से किसानों को बसों के माध्यम से उनकी गाड़ियों तक पहुंचा कर रवाना किया। बाद में रोशनपुरा चौराहा लगभग खाली हो गया। बान गंगा की ओर जाने वाले मार्ग को छोड़कर बाकी मार्ग यातायात के लिए खोल दिए गए। कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर बुधवार को किसानों के साथ बातचीत के लिए गठित मंत्रियों की समिति की किसान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई। किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि अब हर पात्र किसान से उसकी मूंग की पैदावार का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत खरीदा जाएगा, जो नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ बनता है। यह निर्णय तत्काल प्रभावी किया जाएगा और प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि में भी 10 दिन का विस्तार करने का निर्णय किया है। अब किसान 30 जुलाई के बजाय 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे। इसी तरह खरीद की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त की जा रही है। कृषि मंत्री पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार हमेशा किसानों के हित में काम करती आई है। अन्नदाता राज्य की अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार हैं और उनकी मेहनत से उत्पन्न होने वाली फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरे समर्पण के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से इस वर्ष मूंग की खरीद के लिए मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। सरकार की इस योजना के तहत राज्य की कुल पैदावार का अधिकतम 25 प्रतिशत खरीदने का प्रावधान है। सरकार के इसी नियम के तहत निर्णय लिया गया था कि राज्य के मूंग उत्पादक किसानों से उनकी पैदावार का 25 प्रतिशत कम से कम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। उन्होंने किसान भाइयों और बहनों को आश्वस्त किया कि मध्य प्रदेश सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। जहां तक उर्वरक वितरण के लिए लागू किए गए ई-टोकन प्रणाली से संबंधित शिकायतों और व्यावहारिक समस्याओं का सवाल है, यह प्रणाली राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण सुधार है और आने वाले समय में इसका किसानों को पर्याप्त सुविधा और लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री ने बताया कि चूंकि यह एक नई प्रणाली है, इसलिए प्रारंभिक स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय किया है। यह समिति ई-टोकन प्रणाली से जुड़े सभी मुद्दों की समीक्षा कर राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आवश्यक सुधार तत्काल किए जाएंगे। सुझाव प्राप्त होने और सुधार होने तक ई-टोकन से उर्वरक वितरण प्रणाली को तत्काल प्रभावी से स्थगित किया जा रहा है।