चिप्स से लेकर शिप्स तक, भारत-कोरिया मिलकर नए अवसर पैदा करेंगे: प्रधानमंत्री मोदी
Awaz E Bihar••5 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सेपा) को उन्नत करने के लिए वार्ता शुरू करने पर सहमति व्यक्त की है। इस निर्णय का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक बाधाओं के बीच दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा देना है। यह घोषणा सोमवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद की गई। दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों और अन्य महत्वपूर्ण समझौतों का भी आदान-प्रदान हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद हाउस में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "चिप्स से लेकर शिप्स तक, टैलेंट से लेकर टेक्नोलॉजी तक, एंटरटेनमेंट से लेकर एनर्जी तक - भारत और कोरिया मिलकर नए अवसर पैदा करेंगे।" इस दौरे को द्विपक्षीय संबंधों के लिए "महत्वपूर्ण मोड़" बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी साझेदारी को "भविष्य पर आधारित" दिशा में ले जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में लगभग 27 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिसका लक्ष्य 2030 तक इसे बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दोनों देशों ने "इंडिया-कोरिया फाइनेंशियल फोरम" की स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की है।
डिजिटल और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए "इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज" पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच हजारों साल पुराने ऐतिहासिक संबंध हैं। अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम सुरो की कहानी का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कोरियाई पॉप संस्कृति और धारावाहिक भारत में लोकप्रिय हो रहे हैं, जबकि कोरिया में भारतीय सिनेमा और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ रही है। दोनों देशों ने 2028 में "इंडिया-कोरिया मैत्री उत्सव" के आयोजन की भी घोषणा की, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और बढ़ावा देगा।
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक शांति और स्थिरता को सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत और कोरिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और व्यापक विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।
इस अवसर पर बोलते हुए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा की और इस बात पर सहमति व्यक्त की कि वहां शांति और स्थिरता की बहाली वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए आवश्यक है। राष्ट्रपति योल ने बताया कि दोनों देशों के बीच इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली को जोड़ने के लिए एक समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देशों के नागरिक एक दूसरे के दौरे के दौरान स्थानीय क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे।
दोनों नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने और वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।