लोकसभा में बिना चर्चा के ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पारित
Awaz E Bihar••18 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
लोकसभा में मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन सोमवार को भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा, जिसके कारण दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद जब दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य हंगामा करते हुए सदन के बीच में आ गए और पिछले सप्ताह की तरह नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष ने सदस्यों से हंगामा न करने और सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक चलाने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल सत्र के पहले दिन से ही संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे हैं और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी यही मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई के मामले पर बयान देने के लिए तैयार हैं और सरकार इस मामले पर चर्चा के बाद श्री शाह के जवाब के लिए भी तैयार है। अध्यक्ष ने कहा कि जब संसदीय कार्य मंत्री कह रहे हैं कि गृह मंत्री बयान देने के लिए तैयार हैं तो सभी सदस्यों को अपनी सीटों पर वापस जाना चाहिए और सदन में अनुशासन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्री चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार हैं और सरकार भी चर्चा चाहती है तो सदन को चलने दिया जाना चाहिए। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से 'ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026' को सदन से पारित कराने के लिए पेश करने को कहा। श्री मेघवाल ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह किसी ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं करता है, बल्कि पारदर्शिता और विश्वसनीय प्रणाली को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है। श्री जगदंबिका पाल ने विधेयक पर चर्चा में भाग लेने के लिए कई सदस्यों के नाम पुकारे, लेकिन हंगामे के कारण किसी सदस्य की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने विधेयक को सदन से पारित करने के लिए पेश किया और हंगामे के बीच विधेयक को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। अध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने और सदन में अनुशासन बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।