मणिपुर सरकार की ओर से मीडिया के लिए सख्त सलाह जारी
Awaz E Bihar••12 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
मणिपुर सरकार के गृह विभाग ने राज्य में जारी तनाव और कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य भ्रामक खबरों के प्रसार को रोकना और साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाए रखना है। प्रशासन ने इन निर्देशों पर सख्ती से अमल न करने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह निर्देश मंगलवार की देर रात आयुक्त (गृह) एन अशोक कुमार ने जारी किए। राज्य सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया नैतिकता संहिता) नियम, 2021 का हवाला देते हुए डिजिटल प्रकाशकों की कानूनी जिम्मेदारियों पर जोर दिया कि वे अवैध और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकें। सभी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और मध्यस्थों को सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। एडवाइजरी में कहा गया है कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि झूठी, भ्रामक या अप्रमाणित जानकारी, विशेष रूप से कानून व्यवस्था से संबंधित अफवाहें नहीं फैलें। प्लेटफ़ॉर्म को प्रतिबंधित या अनधिकृत संगठनों द्वारा आने वाली सामग्री को प्रकाशित करने या उसे बढ़ावा देने से मना किया गया है, जिसमें बंद का आह्वान, धमकी या अशांति फैलाने वाली गतिविधियाँ शामिल हैं। ऐसी सामग्री पाए जाने की स्थिति में उसे हटाने या उस तक पहुँच बंद करने के लिए तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। डिजिटल प्रकाशकों को भ्रामक जानकारी, डीप फ़ेक और संशोधित सामग्री के प्रकाशन को रोकना होगा। इसमें यह निर्देश भी दिया गया है कि प्लेटफ़ॉर्म उभरते कानूनों के अनुसार नकली या संशोधित सामग्री की पहचान करने और उसे लेबल करने के लिए नियम लागू करें। न्यूज़ प्रकाशकों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत आचार संहिता का पालन अनिवार्य है ताकि सटीकता, निष्पक्षता और जिम्मेदार रिपोर्टिंग को सुनिश्चित किया जा सके। यह एडवाइजरी अपमानजनक या जानबूझकर झूठे सामग्री की मनाही करती है और देश की संप्रभुता, एकता और सार्वजनिक व्यवस्था के सम्मान की अपील करती है। मीडिया संस्थानों को ऐसे संवेदनशील, उत्तेजक या उकसाने वाले सामग्री के प्रकाशन से बचने की सलाह दी गई है जिससे हिंसा भड़क सकती है या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है। शीर्षक, थम्ब नेल्स और कैप्शन जिम्मेदार होने चाहिए और वे भ्रामक नहीं होने चाहिए। सरकार ने सभी मीडिया संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे इन दिशानिर्देशों और 'प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया' के निर्धारित सिद्धांतों पर सख्ती से अमल करें। सरकार ने चेतावनी दी है कि किसी भी नियम का उल्लंघन करने पर लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।