एक अप्रैल से कूड़ा इकट्ठा करने के नए नियम लागू, कूड़े को चार श्रेणियों में इकट्ठा किया जाएगा
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पटना, 31 मार्च (एबीएन) बिहार में नगर निकाय क्षेत्रों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जारी नए दिशानिर्देश 1 अप्रैल से लागू किए जाएंगे। 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान, जैसे अपार्टमेंट, होटल और सरकारी कार्यालय, को अपने कचरे के प्रसंस्करण संयंत्र लगाने होंगे। नगर विकास और आवास विभाग ने गीले कचरे के लिए ऑन-साइट कम्पोस्टिंग के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए हैं। नगर विकास और आवास विभाग के अनुसार, यह प्रणाली सभी नगर निकायों में नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2026 के तहत लागू की जा रही है। राजधानी पटना को सुंदर, स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के लिए, पटना नगर निगम के घर-घर कचरा संग्रहण के नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। अब, घरेलू कचरा संग्रहण के दौरान, निवासियों को अपने कचरे को केवल गीले और सूखे नहीं, बल्कि चार अलग-अलग श्रेणियों में अलग करना होगा। यह पहले अनिवार्य नहीं था। अब तक कचरा संग्रहण का काम केवल दो श्रेणियों में किया जाता था। इस नए प्रणाली के तहत कचरा संग्रहण वाहनों को अब चार अलग-अलग रंगों के केबिन से लैस किया जाएगा। यदि घरों से कचरा अलग नहीं किया गया है, तो स्वच्छता कर्मचारी इसे स्वीकार नहीं करेंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कचरे को 100% वैज्ञानिक तरीके से निपटाने को सुनिश्चित करना और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना है। इस बीच, राजधानी में सार्वजनिक स्वच्छता प्रणाली में दो नए रंग जोड़े जा रहे हैं। इसके लिए पटना नगर निगम 225 नई गाड़ियां खरीद रहा है। इससे शहर के सभी छह जोन के 375 सेक्टरों से कचरा संग्रहण के लिए नगर निगम के संसाधनों में वृद्धि होगी। वर्तमान में, निगम के पास 373 बंद टिपर और 150 सीएनजी टिपर हैं, जिनमें से लगभग 327 वाहन वर्तमान में काम कर रहे हैं। कचरा संग्रहण को बेहतर बनाने के लिए निगम 225 नई गाड़ियां खरीद रहा है, जिनमें 150 बंद टिपर और 75 खुले टिपर शामिल हैं। इन सभी वाहनों को नए रंग कोड के डिब्बों से लैस किया जा रहा है। नए नियमों का पालन न केवल आम लोगों पर होगा, बल्कि बड़े संस्थानों पर भी होगा। वे संस्थान जिनका क्षेत्रफल 20,000 वर्ग मीटर से अधिक है या 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर माने जाएंगे। इसमें होटल, अपार्टमेंट और सरकारी कार्यालय शामिल हैं। उन्हें अपने परिसर में गीले कचरे को निपटाने की आवश्यकता होगी। कोई भी संस्थान या नागरिक निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है, या कचरे के पृथक्करण में विफल रहता है, तो उसे प्रदूषण फैलाने के नियमों के तहत भारी पर्यावरणीय जुर्माना का सामना करना पड़ेगा। इसकी निगरानी के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार किया है जो कचरा संग्रहण के पूरे सिलसिले को ट्रैक करेगा।