गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026
اردوहिन्दीEnglish
आवाज़ ए बिहार
आवाज़ ए बिहार
होमई-पेपरवीडियोराष्ट्रीयराजनीतिखेलशिक्षाबिहारराष्ट्रीयराजनीतिखेलस्वास्थ्यशिक्षालेखविश्व समाचार
टॉपराष्ट्रीयराजनीतिखेलशिक्षाबिहारराष्ट्रीयराजनीतिखेलस्वास्थ्यशिक्षालेखविश्व समाचार

आवाज़ ए बिहार

बिहार की आवाज़ — उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी में ताज़ा खबरें

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • वीडियो
  • आज की तस्वीर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क

भाषाएँ

  • اردو (Urdu)
  • हिन्दी (Hindi)
  • English

हमें फॉलो करें

Email: awazebihar@gmail.com

Phone: +91-9473486854

© 2026 Awaz E Bihar Publications. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित
  1. होम
  2. राष्ट्रीय
राष्ट्रीय

विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

Awaz E Bihar•22 जुलाई 2026 को 04:40 pm बजे•18 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नेट) पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण बुधवार को भी लोकसभा में कार्यवाही नहीं चल सकी और सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। दो बार के स्थगन के बाद जब दोपहर दो बजे कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। अध्यक्षता कर रहे पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तिरिवेदी ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर जाने और सदन को चलाने में सहयोग करने का अनुरोध किया, लेकिन हंगामा जारी रहा जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले सुबह 11 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने इन मुद्दों पर हंगामा शुरू कर दिया जिससे कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। दोपहर 12 बजे जब सदन की बैठक फिर से शुरू हुई तो विपक्षी दल हंगामा करने लगे और कुछ सदस्य सदन के बीच में आ गए। कई विपक्षी सदस्य नेट के विरोध में नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे। कांग्रेस सदस्य विरोध में काले कपड़े पहने हुए थे। इस दौरान, श्री बिड़ला ने कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल को बोलने की अनुमति दी। श्री वेणुगोपाल ने कहा कि जिस तरह से विपक्षी दलों और छात्रों के साथ पुलिस व्यवहार कर रही है, वह अत्यधिक अनुचित है। उनका मांग है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, जिसके बाद सदन में पेपर लीक के मामले पर विस्तृत चर्चा कराई जाए। अगर सरकार उनकी मांग मान लेती है तो वे चर्चा के लिए तैयार हैं। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री कर्ण रिजिजू ने कहा कि सरकार नेट पेपर लीक के मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। चर्चा किस कानून के तहत होगी और कितनी देर होनी चाहिए, इसका फैसला बातचीत में होगा। उन्होंने कहा कि देश के नौजवानों के लिए अर्थपूर्ण चर्चा हो, इसके लिए सरकार तैयार है। समाजवादी पार्टी (एसपी) के अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक का मामला कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी या एसपी का नहीं है, यह सभी लोगों से जुड़ा मुद्दा है। इसके लिए सभी राजनीतिक दल लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरता की, बेटियों के कपड़े फाड़े गए।" श्री यादव ने कहा, "प्रधानमंत्री सदन से बाहर नेट के मामले पर बयान दे सकते हैं, सदन में आकर इस मामले पर क्यों नहीं बोल सकते।" इसके बाद श्री बिड़ला ने कहा कि कब चर्चा करनी है और कितनी देर चर्चा करनी है, यह बातचीत के दौरान तय होगा। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। विपक्षी सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर जाएं और कार्यवाही चलने दें। श्री बिड़ला की अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ और हंगामा जारी रहा। हंगामा जारी रहने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सुबह 11 बजे श्री बिड़ला ने जैसे ही शून्यकाल शुरू करने का एलान किया, उससे पहले ही विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर हंगामा करने लगे। श्री बिड़ला ने सदस्यों से शोर-शराबा न करने का अनुरोध किया, लेकिन सदस्यों ने उनकी बात पर ध्यान दिए बिना नारे लगाते हुए सदन के बीच में आ गए। अध्यक्ष ने सदस्यों से सदन चलने देने का अनुरोध करते हुए कहा, "आप शून्यकाल चलने दें। शून्यकाल के बाद जिन विषयों पर नोटिस आए हैं, उन सभी पर चर्चा कराई जाएगी, लेकिन यह सब शून्यकाल के बाद ही संभव होगा। मैं आपके मामले पर चर्चा कराने के लिए तैयार हूं।" उन्होंने कहा कि सदस्य सदन नहीं चलाना चाहते, यह अच्छा संदेश नहीं है। उनकी किसी बात पर जब सदस्यों ने ध्यान नहीं दिया तो श्री बिड़ला ने सदन की कार्यवाही एक मिनट के भीतर ही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी। नेट पेपर लीक के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर संसद तक मार्च निकालने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मामले पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्ष ने लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया। इसके कारण सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। संसद के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन था और कार्यवाही में व्यवधान के कारण अब तक सदन में कोई कानून बनाने का काम नहीं हो पाया है। दूसरी बार के स्थगन के बाद तीन बजे जब सदन फिर से एकत्र हुआ तो उपसभापति हरिवंश ने डीएमके के तिरुचि शिवा को बोलने का मौका दिया। श्री शिवा ने कहा कि उन्होंने छात्रों पर कार्रवाई के मामले पर चर्चा कराने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है और यह एक दुर्लभ मामला है। सरकार ने भी खुद विश्वास दिलाया है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष भी चर्चा चाहता है। उपसभापति ने कहा कि विपक्ष के नेता, सदन के नेता और
साझा करें:

More from राष्ट्रीय

राष्ट्रीय

29 सित॰ 2026
भारत की कमजोरी नहीं शांति की नीति, आतंकवाद पर उठाएंगे जरूरी कदम: राजनाथ
राष्ट्रीय

भारत की कमजोरी नहीं शांति की नीति, आतंकवाद पर उठाएंगे जरूरी कदम: राजनाथ

27 सित॰ 2026
एसआईआर का फैसला सर्वसम्मत, कैबिनेट सचिव को लिखा पत्र किसी नीति से संबंधित नहीं: चुनाव आयोग
राष्ट्रीय

एसआईआर का फैसला सर्वसम्मत, कैबिनेट सचिव को लिखा पत्र किसी नीति से संबंधित नहीं: चुनाव आयोग

26 सित॰ 2026
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग के पक्ष में कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन
राष्ट्रीय

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग के पक्ष में कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन

25 सित॰ 2026
ज्ञानेश कुमार ने दो दिन में इस्तीफा नहीं दिया तो देशव्यापी आंदोलन होगा: सीजेपी
राष्ट्रीय

ज्ञानेश कुमार ने दो दिन में इस्तीफा नहीं दिया तो देशव्यापी आंदोलन होगा: सीजेपी

24 सित॰ 2026
चुनाव आयोग की 14 आपत्तियों पर स्पष्टीकरण, असहमति को सामान्य बताया
राष्ट्रीय

चुनाव आयोग की 14 आपत्तियों पर स्पष्टीकरण, असहमति को सामान्य बताया

23 सित॰ 2026