नेट (राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा) के प्रश्नपत्र लीक मामले पर विपक्षी दलों के सदस्यों ने गुरुवार को भी लोकसभा में जमकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले ही सरकार ने विपक्ष को आश्वस्त किया कि नेट प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष ने मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। इससे पहले दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के बीच ही आवश्यक सरकारी दस्तावेज सदन के सामने पेश किए गए। विपक्ष के विरोध पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार ने कल भी विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत की गई है और सरकार लोकसभा स्पीकर के माध्यम से नेट प्रश्नपत्र लीक मामले पर विपक्ष के साथ चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए विपक्ष का सहयोग जरूरी है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी राज्यसभा में जमकर हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और बाद में दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के कारण मानसून सत्र के पहले चार दिनों में राज्यसभा में न तो शून्यकाल चल सका और न ही शून्यकाल की कार्यवाही हो सकी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही फिर से शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी बात रखने की अनुमति दी। खड़गे ने कहा कि सरकार ने नेट मामले पर चर्चा कराने की बात कही है, लेकिन लाखों छात्र सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उन पर लाठीचार्ज किया गया, कुछ छात्र अस्पताल में भर्ती हैं और उनके माता-पिता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन जब तक मानव संसाधन विकास मंत्री इस्तीफा नहीं देते, चर्चा शुरू नहीं हो सकती। सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने विपक्ष के रवैये को अत्यधिक अनुचित बताते हुए कहा कि विपक्ष न तो चर्चा चाहता है और न ही सदन की कार्यवाही चलने देना चाहता है। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष ने नेट मामले पर चर्चा की मांग की, सरकार इसके लिए तैयार हो गई, लेकिन अब नई शर्त रख दी गई है कि पहले मानव संसाधन विकास मंत्री इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। इसी दौरान सरकार और विपक्ष के सदस्यों ने एक-दूसरे के खिलाफ जोर-शोर से नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन में अव्यवस्था फैल गई। स्थिति को देखते हुए सभापति ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। इससे पहले सुबह के सत्र में भी विपक्षी सदस्यों ने इसी मामले पर हंगामा किया था। इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नेट परीक्षा मामले पर उसी दिन सदन में चर्चा कराने की पेशकश की और विपक्ष से बिना किसी शर्त के इसके लिए सहमति देने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे। जोशी ने कहा कि इस सिलसिले में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा, "सभी चाहते हैं कि इस मामले पर चर्चा हो, लेकिन इसके लिए शर्त रखना उचित नहीं है। पहले चर्चा की मांग करना और फिर शर्त लगाकर राजनीति करना सही नहीं है। आज ही इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए।" संसदीय कार्य मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट घोषणा की है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने में शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी और इस उद्देश्य के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे आज ही चर्चा के लिए तैयार हो जाएं। इस दौरान जोर-शोर से नारेबाजी के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को यह कहते हुए सुना गया कि "मानव संसाधन विकास मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।" हंगामा थमने पर सभापति ने पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी थी। नेट मामले पर सरकार और विपक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के कारण मानसून सत्र के पहले तीन दिनों में राज्यसभा में कोई विधायी कार्य नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही लगातार हंगामे की भेंट चढ़ती रही।