राजस्थान और हरियाणा ने जल समस्या के समाधान के लिए किया समझौता
Awaz E Bihar••15 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
राजस्थान और हरियाणा सरकारों ने सोमवार को यहां यमुना जल परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन के संबंध में एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों राज्यों में तीन दशक पुरानी पानी से संबंधित समस्या का समाधान हो जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और केंद्र सरकार व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। शाह ने कहा कि इस समझौते से हरियाणा और राजस्थान के लोगों की पानी से संबंधित लगभग तीन दशक पुरानी समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता संघीय सहयोग के मंत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और यह इस बात का प्रमाण है कि यदि राज्य संघीय सहयोग की सोच को आगे बढ़ाएं तो तीन दशक पुरानी समस्या का भी आसानी से समाधान निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत यमुना नहर से जुलाई से अक्टूबर तक तीन भूमिगत पाइप लाइनों के माध्यम से लगभग 580 घन मीटर पानी राजस्थान पहुंचाया जाएगा। इन तीन पाइप लाइनों का व्यास 3.6 मीटर से अधिक होगा, जिनके माध्यम से राजस्थान और हरियाणा राज्यों के लोगों के लिए पीने के पानी का प्रबंध होगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों राज्यों के लिए लाभकारी है। समझौते में वित्तीय जिम्मेदारी, लागत की भागीदारी, पानी के वितरण और पानी छोड़ने के प्रोटोकॉल और रखरखाव का बारीकी से ध्यान रखा गया है। इस वैज्ञानिक रूप से पूर्ण समझौते में बुनियादी ढांचे के संचालन, रखरखाव, निगरानी प्रणाली, पारदर्शिता के उपाय और विवादों के समाधान के तंत्र को भी बहुत अच्छी तरह से शामिल किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइप लाइन के माध्यम से राजस्थान को उसके हिस्से का पानी पहुंचाना है। इससे राज्य, अपर यमुना बेसिन के उपयोग के लिए उपलब्ध भूमि के पानी के वितरण पर 1994 के समझौते के तहत मिले पानी का सही तरीके से उपयोग कर पाएगी। इस परियोजना से राजस्थान के शुष्क और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति होगी और सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लाखों लोगों को लाभ होगा। यह समझौता केंद्र सरकार और समझौते में शामिल राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से परियोजना को समय पर लागू करने के लिए आधार बनाने का काम करेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और विशेष रूप से केंद्रीय जल आयोग ने इस समझौते का जो ढांचा तैयार किया है, वह आने वाली कई दशकों तक विवादित समझौते के रूप में स्थापित रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री पाटिल की अध्यक्षता में कुछ ही दिनों में इस समस्या का समाधान निकल आया। इस समझौते के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू के साथ-साथ हरियाणा के भीवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में भी पीने का पानी पहुंचाने का प्रबंध हो जाएगा। शाह ने कहा कि इस समझौते से राजस्थान और हरियाणा, विशेष रूप से राजस्थान में पीने के पानी की समस्या के समाधान में बहुत मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जो पानी किसी काम नहीं आ रहा था, इस समझौते के बाद अब वह पानी लोगों की प्यास बुझाने और बड़े तालाबों में जमा होकर भूमिगत जल स्तर (ग्राउंड वाटर लेवल) बढ़ाने के काम आएगा। गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय ने सरकार के संघीय सहयोग के संदेश को सच्चे अर्थों में वास्तविक रूप दिया है।