बिहार के खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग एवं ई-नीलामी को गति मिलेगी
Awaz E Bihar••23 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
पटना, 28 सितंबर: बिहार में खनिज संसाधनों की वैज्ञानिक खोज, खनिज ब्लॉकों के विकास और पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने को लेकर केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में राज्य के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार सहित संबंधित विभागों, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट, एमईसीएल और अन्य संस्थानों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में भागलपुर के खोजे गए कोयला ब्लॉक में भूमिगत कोयला गैसीकरण के माध्यम से कोयला संसाधनों के उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि बिहार के खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीक आधारित उपयोग के लिए केंद्र आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा. संभावित निवेशकों और बोलीदाताओं को तकनीकी व्यवहार्यता से अवगत कराने के लिए पटना में एक रोड शो आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी प्रगति की जाएगी।
डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार की खनिज संपदा राज्य के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का मुख्य आधार है. सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं टिकाऊ अन्वेषण एवं दोहन के साथ-साथ ई-नीलामी एवं उत्पादन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में ग्लौकोनाइट, चूना पत्थर और अन्य प्रमुख खनिजों के ब्लॉकों की ई-नीलामी, उत्पादन और वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। रोहतास के पपराडिया-भोरवा और चित्ता-नोहटा ग्लौकोनाइट ब्लॉक, भोरा-कथरा चूना पत्थर ब्लॉक और गया में गंजाना निकल-क्रोमियम और पीजीई ब्लॉक में शीघ्र उत्पादन और वितरण पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बिहार में खनिज अन्वेषण का दायरा बढ़ाने, जीएसआई के अलावा सक्षम निजी एजेंसियों को नियुक्त करने और पत्थर ब्लॉकों की ई-नीलामी को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करने पर भी चर्चा की। बैठक में खनिज क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, औद्योगिक गतिविधियों और राज्य के राजस्व में वृद्धि की संभावनाओं के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई।