आत्मनिर्भर महिलाएं बिहार की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगी: सम्राट चौधरी
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पटना, 19 सितंबर :(एबीएन) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार में महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं और उनकी बढ़ती आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी राज्य की बदलती छवि का एक महत्वपूर्ण पहलू है। महिलाओं का सशक्तीकरण बिहार की समृद्धि की बुनियादी शर्त है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के बापू सभागृह में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर रजत जयंती समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोग की 25 साल की यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने डाक विभाग के सहयोग से महिला आयोग पर एक विशेष डाक टिकट जारी करने के साथ ही एक स्मारक पुस्तिका भी जारी की। समारोह को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देने से उनकी राजनीतिक साझेदारी को नई ताकत मिली है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में जीविका की अहम भूमिका रही है. सरकार वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है, जिससे महिलाएं सिलाई, मुर्गी पालन और बकरी पालन सहित विभिन्न गतिविधियों में संलग्न होकर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है. पोशाक परियोजना के तहत छात्रों को सीधे पैसे देने के बजाय जीविका दीदियों द्वारा बनाए गए परिधान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे महिलाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मैट्रिक, इंटरमीडिएट और स्नातक स्तर पर विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चलायी जा रही हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी सहायता प्रदान की जा रही है। बालिका पीएचडी फेलोशिप के तहत 1,000 महिला छात्रों को उच्च शिक्षा और शोध के लिए 10,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी काम चल रहा है। महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में 'पुलिस दीदी' की व्यवस्था की गयी है. छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास महिला पुलिस अधिकारियों को तैनात किया जा रहा है। उनके मुताबिक ऐसी व्यवस्था करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है. मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य महिला आयोग से कहा कि वह केवल शिकायत निवारण तक ही सीमित न रहे, बल्कि महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए सरकार को नियमित सुझाव भी दे. उन्होंने महिला जन प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने में आयोग की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने आयोग की सभी महिला सदस्यों को 25वें स्थापना दिवस की बधाई दी और आशा व्यक्त की कि आयोग अपनी स्वर्ण जयंती तक महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए काम करता रहेगा। अप्सरा भी बोली. इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री, जन प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, डाक विभाग के अधिकारी, महिला आयोग से जुड़ी महिलाएं तथा बड़ी संख्या में विभिन्न जिलों से आयी महिलाएं एवं आमजन उपस्थित थे।