पटना में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक, विधायक की गाड़ी का शीशा टूटा, विधानसभा की सुरक्षा कड़ी
Awaz E Bihar••8 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
पटना, 22 जुलाई (एबीएन) बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को हजारों छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (आइसा) के बैनर तले कथित परीक्षा अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से मार्च के रूप में शुरू हुआ प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने बिहार विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की। लौरिया से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक विनय बिहारी ने विधानसभा में सूचित किया कि जब वे सत्र के दूसरे चरण में भाग लेने जा रहे थे तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार की खिड़की का शीशा तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने सुरक्षा कर्मियों की मदद से बाल-बाल बच गए। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश की। दूसरी ओर विधानसभा परिसर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई और सावधानी के तौर पर बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद के सभी प्रवेश मार्ग बंद कर दिए गए। पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए जेपी गोलंबर के पास बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें तोड़ने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप उनकी सुरक्षा कर्मियों के साथ झड़प हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का उपयोग किया, फिर आंसू गैस के गोले दागे और अंत में लाठीचार्ज किया। पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारियों के कुछ समूह सचिवालय के पास बेली रोड तक पहुंच गए, जहां उन्होंने सड़क जाम कर दी। इसके कारण राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में भारी यातायात जाम हो गया। मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीड़भाड़ वाले समय में सामान्य आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। डाक बंगला चौराहे पर वरिष्ठ जिला और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार करते हुए अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग जारी रखी। प्रदर्शनकारियों के विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और कड़ी कर दी। विधानसभा के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सावधानी के तौर पर बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए।