अमेरिका इस सप्ताह के अंत तक ईरान पर हमला कर सकता है: अमेरिकी मीडिया का दावा
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अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना इस हफ्ते के अंत तक ईरान पर हमला करने के लिए तैयार है, हालांकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस मामले पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है, जहां डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति में महत्वपूर्ण वृद्धि की है।
अमेरिकी मीडिया सीबीएस ने दावा किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित उच्च अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सूचित किया है कि वे हफ्ते के अंत तक ईरान पर हमले के लिए तैयार हैं, हालांकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस मामले पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि व्हाइट हाउस में इस समय लगातार परामर्श जारी है, जहां संभावित हमले से जुड़े जोखिमों, ईरान की प्रतिक्रिया और राजनीतिक और सैन्य परिणामों पर विचार किया जा रहा है।
पेंटागन के प्रवक्ता ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान पर हमले के कई कारण हैं, लेकिन राष्ट्रपति की प्राथमिकता हमेशा कूटनीति रही है।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान के लिए बेहतर होगा कि वे राष्ट्रपति ट्रम्प और उनके प्रशासन के साथ समझौता और सहयोग करें, ताकि तनाव को कम किया जा सके।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में युद्धक विमानों, रीफ्यूलिंग टैंकर्स और दो एयरक्राफ्ट कैरियर समूहों सहित बड़ी सैन्य शक्ति तैनात की जा चुकी है, जिसके बाद अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ त्वरित सैन्य कार्रवाई का विकल्प मौजूद है।
सूत्रों का कहना है कि इस सैन्य तैयारी का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली और लॉन्चिंग साइटों को निशाना बनाना हो सकता है, हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
दूसरी ओर, कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, जिनेवा में हुए हाल के वार्ता में कुछ प्रगति जरूर हुई, लेकिन दोनों देशों के बीच बड़े मतभेद अभी भी बने हुए हैं। अमेरिका लगातार ईरान से मांग कर रहा है कि वह यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह से बंद करे, जबकि ईरान का रुख है कि वह धमकी के साये में वार्ता नहीं करेगा।
इस बीच, इज़राइल भी संभावित युद्ध की स्थिति के मद्देनजर हाई अलर्ट पर है, और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के समर्थक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि एक बार फिर हमला होता है, तो क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युद्ध भड़क सकता है और ईरान की ओर से अमेरिका और इज़राइल पर तीव्र मिसाइल हमलों का खतरा है।
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि 2025 में भी अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के परमाणु सुविधाओं पर हमला किया था, जिसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई थी।