वांगचुक की हालत स्थिर, लेकिन इलाज से इनकार: सफदरजंग अस्पताल
Awaz E Bihar••18 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
बीस दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार की सुबह सफदरजंग अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उनके शरीर में पानी की कमी और पोटेशियम की कमी के संकेत पाए। उन्होंने आईवी के माध्यम से तरल, ओआरएस जैसे पेय और अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक को सुबह ७:४० बजे वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती के समय वे पूरी तरह होश में थे और उनकी नब्ज, रक्तचाप और ऑक्सीजन का स्तर सामान्य पाया गया। बेहोशी का कोई मामला सामने नहीं आया। बुलेटिन के अनुसार, जांच में शरीर में पानी की कमी के संकेत मिले। रक्त गैस विश्लेषण में "कंपेंसेटेड एसिडोसिस" और सीरम पोटेशियम का स्तर कम पाया गया। रक्त शर्करा का स्तर ७८ मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर दर्ज किया गया। दोबारा जांच में भी पोटेशियम का स्तर कम ही मिला। अस्पताल ने बताया कि भर्ती के समय पेशाब में कीटोन का स्तर एक था, जो दोपहर एक बजे तक बढ़कर तीन हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें आईवी के माध्यम से तरल देने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने आईवी फ्लूइड, ओआरएस और अन्य सभी दवाएं लेने से इनकार कर दिया। अस्पताल के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनके स्वास्थ्य के मद्देनजर इलाज स्वीकार करने के लिए उन्हें लगातार परामर्श दिया जा रहा है। इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने कहा कि उनकी मर्जी के बिना उनके पति को कुछ भी नहीं खिलाया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूं, जहां सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है। मेरी, उनके परिवार और २० दिनों से उनकी देखभाल कर रहे डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें मुंह से या आईवी के माध्यम से कोई भी दवा या चीज नहीं दी जानी चाहिए।" यह उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा विशेषज्ञ सोनम वांगचुक को शनिवार की सुबह जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कर दिया। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ भूख हड़ताल पर बैठे थे। श्री वांगचुक की भूख हड़ताल का आज २१वां दिन था और उनका वजन नौ किलो से अधिक कम हो गया था। उनके लिए समर्थन व्यक्त करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेता जंतर-मंतर पर जाकर उनसे मिले थे। श्री वांगचुक और जकारोचन जंटा पार्टी (सीजेपी) ने संसद के मानसून सत्र से पहले २० जुलाई को अपने मांगों के समर्थन में संसद तक मार्च करने की घोषणा की थी और लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की थी।