मुख्यमंत्री श्री समरत चौधरी ने आज रोहतस जिले के शिवसागर ब्लॉक के कुरूप पंचायत स्थित पीएम श्री सेंट्रल स्कूल में नवनिर्मित खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल के छात्रों और छात्राओं से बातचीत की और उनके द्वारा तैयार किए गए विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों का अवलोकन किया। छात्रों ने मुख्यमंत्री को अपने वैज्ञानिक मॉडल के बारे में विस्तार से बताया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने क्लासरूम में जाकर शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में छात्रों से चर्चा की और वहां उपस्थित शिक्षकों से जानकारी प्राप्त की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर में जीविका, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ऊर्जा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और उनसे संबंधित जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लगभग 400 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय 'सेवा सितो अभियान' और 'सहयोग शिविर' के उद्घाटन के बाद अपने भाषण में कहा कि इस क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को विकसित कर आने वाले पांच वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि आगामी मार्च से पहले सासाराम और औरंगाबाद शहरों तक सोन नदी का पानी पहुंचाने का काम पूरा करने का लक्ष्य है। सोन नदी के पानी के वितरण से संबंधित समझौते के बाद बिहार को सोन नदी के पानी का लगभग तीन चौथाई हिस्सा मिला है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का धन्यवाद जताया। मुख्यमंत्री ने रोहतस के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को बताते हुए कहा कि यहां स्थापित होने वाली नई टाउनशिप का नाम 'रोहतस' रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 'सहयोग शिविर' माह में दो बार आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि 'सेवा सितो अभियान' 6 से 8 अक्टूबर तक तीन दिन तक चलेगा। इसका उद्देश्य आम लोगों के मुद्दों का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर में प्राप्त होने वाली किसी भी आवेदन पर निर्णय देने में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी 30 दिनों की निर्धारित अवधि से आगे निकल जाता है, तो उसे सीधे निलंबित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों और अधिकारियों से गांव-गांव जाकर जनता के मुद्दों का समाधान करने की अपील करते हुए कहा कि न्याय के साथ विकास होगा और 'सबके साथ, सबका विकास' के भाव से काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2005 में जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल शुरू हुई थी। उस समय बिहार में महिलाओं के हाथ में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का बाजार था, जो आज बढ़कर लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में लगभग 50 लाख 'लखपति दीदियां' बनाई जा चुकी हैं, जबकि 40 लाख महिलाओं को 'पशु सखी' के रूप में सशक्त बनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार से बड़े पैमाने पर लोगों के प्रवास को रोकने के लिए सरकार रोजगार और उद्योग के अवसरों में वृद्धि कर रही है। पिछले पांच वर्षों में पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के संकल्प के तहत एक करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि 2030 से पहले बिहार का कोई गरीब व्यक्ति मजदूरी के लिए राज्य से बाहर जाने पर मजबूर न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहतस और आस-पास के क्षेत्रों में मां ताराचंडी मंदिर, गुप्त धाम, मां तितला भवानी धाम, एकशनी भवानी धाम और चौरासन धाम सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थल मौजूद हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए पर्यटन विभाग, वन विभाग, सिंचाई और जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इन स्थलों पर लगभग 50 हजार लोग आते हैं, सरकार की कोशिश है कि आने वाले पांच वर्षों में यह संख्या कम से कम 5 लाख तक पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए पटना, दिल्ली, मुंबई और कोटा जैसे शहरों की ओर नहीं जाना पड़े, इसके लिए राज्य में मॉडल स्कूल और सुशक्त विद्यालय जैसी शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 3.5 लाख बच्चे इस प्रणाली के तहत शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कोटा के शिक्षकों को जोड़ने के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी शिक्षा का प्रबंधन किया गया है। 'विद्यार्थी थे साथी ऐप' के माध्यम से बिहार के बच्चों को रात के समय भी ऑनलाइन शिक्षकों से पढ़ने की सुविधा मिल रही है। जेईई और नेट जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों को घर और ब्लॉक स्तर पर बेहतर शैक्षिक सुविधा प्रदान करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक बिहार में उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या सीमित रही। वर्ष 2026 तक राज्य में 272 डिग्री कॉलेज थे। इसके बाद सरकार ने 15 जुलाई को 211 ब्लॉकों में एक साथ डिग्री कॉलेज स्थापित किए। इन कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्यापन से जुड़े शिक्षकों को बिहार में सेवा करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में बिजली क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है।
आज राज्य में लगभग 1 करोड़ 93 लाख परिवारों के पास बिजली का कनेक्शन है, जिनमें लगभग 1 करोड़ 70 लाख परिवारों का पिछले एक वर्ष से बिजली का बिल शून्य रहा है। सरकार का उद्देश्य आम लोगों की जीवन को आसान बनाते हुए बिहार को खुशहाली की राह पर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बिहार से होने वाली नकल-मकानी रोकने के लिए राज्य में उद्योग और रोज़गार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार देश और दुनिया के लोगों को बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है, ताकि युवाओं को राज्य में ही रोज़गार और स्वयं रोज़गार के अवसर प्राप्त हो सकें। 'लिख पती दिदी', 'पशु स्की' और दूध की उत्पादन जैसे क्षेत्रों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, जलसिंचन और निकासी जल सहित बुनियादी ढांचे की विकास पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज की समारोह में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन और पानी निकासी से संबंधित काम जनता के नाम समर्पित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बनारस-रान्ची रास्ते की निर्माण के दौरान पहाड़ के अंदर से कटिंग करके सड़क तैयार करने की प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गड गवर्नेंस को और मजबूत बनाने के लिए लगभग 5 हजार पुलिस दिदियों की टीम गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने और शांति व कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी अपराधी घटना की स्थिति में 24 घंटे के भीतर पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री श्री नतीश कमर ने खुशहाल बिहार का सपना देखा है। बिहार सरकार इन दोनों उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 'सीवा सितु अभीयान' भी उसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके माध्यम से सरकार को आम लोगों से सीधे जोड़कर उनके समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहतास की ऐतिहासिक भूमि ने देश की इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शेर शाह सूरी और शासक अशोक से जुड़ी इस भूमि की अपनी अनूठी पहचान है। सरकार रोहतास की विकास और पर्यटन संभावनाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। समारोह में सार्वजनिक प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शाल, मोमिनटो और पौधा पेश करके मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अशोक चौधरी, खेल मंत्री श्रीमती श्रीसी सिंह, संसद सदस्य श्री ओपींद्र कशव, विधानसभा सदस्य श्री मरारी प्रसाद गोतम, विधानसभा सदस्य श्रीमती सनीहिता, विधानसभा सदस्य श्री आलोक सिंह, विधानसभा सदस्य श्री वशीष्ठ सिंह, विधानसभा सदस्य श्री नगींदर चंद्रवाणी, विधानसभा सदस्य श्री राजीव रंजन सिंह, विधानसभा सदस्य श्री वशाल परशांत सहित अन्य सार्वजनिक प्रतिनिधि, मुख्य सचिव श्री पृती अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव और पर्यटन विभाग के सचिव श्री लोकिश कुमार सिंह, सड़क निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, डीजीपी श्रीमती प्रीता वर्मा, शैहाबाद के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल पुलिस श्री सतीह प्रकाश, जिला मजिस्ट्रेट श्री दीपक कुमार मशरा, एसपी श्री राज सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र, छात्रा, शिक्षक और आम लोग उपस्थित थे।