देश भर में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है: केंद्र सरकार
Awaz E Bihar••25 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
मध्य एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के बीच भारत ने स्पष्ट किया है कि वह रूस से लगातार तेल खरीदता रहा है और यह खरीद प्रतिबंधों से पहले, प्रतिबंधों में छूट के दौरान भी और अब भी जारी है। भारत ने कहा है कि देश की सरकारी क्षेत्र की तेल कंपनियां खरीद के समय व्यावसायिक अर्थात बाजार के दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर निर्णय लेती हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मध्य एशिया संकट के कारण उत्पन्न स्थिति की जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रश्नों के उत्तर में यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और विभिन्न स्रोतों से खरीद के माध्यम से तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। श्रीमती शर्मा ने भारत की रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट के समाप्त होने के बाद वहां से तेल खरीद के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि भारत रूस से पहले से ही तेल खरीद रहा है, अर्थात छूट से पहले भी, छूट के दौरान भी और अब भी। संयुक्त सचिव ने कहा कि भारत में तेल कहां से खरीदा जाना है, इसका निर्णय बाजार की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाता है। उन्होंने कहा कि देश में कच्चे तेल की आपूर्ति बराबर सुनिश्चित की जा रही है और यह छूट हो या न हो, इससे प्रभावित नहीं होती। यह उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने भारत के रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन मध्य एशिया संकट को देखते हुए अमेरिका ने इन प्रतिबंधों में छूट दी थी जो 16 मई को समाप्त हो गई। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्रीमती शर्मा ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद से तेल कंपनियों के नुकसान में थोड़ी कमी आई है और अब उन्हें हर दिन 750 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अभी सरकार तेल कंपनियों को नुकसान की भरपाई के लिए सहायता पैकेज देने की किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्य एशिया संकट शुरू हुए ढाई महीने से अधिक का समय हो गया है और अब भी होरमुज़ में स्थिति सामान्य नहीं है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी हैं और इससे हमारे आयात भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश में सभी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं और देश में कच्चे तेल की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति भी सामान्य रूप से बनी हुई है।