बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द शुरू होगी: अश्विनी वैष्णव
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि बैंगलोर और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने रविवार को वर्चुअल तरीके से बैंगलोर और मुंबई के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन नंबर 16553/54 सर मोक्ष गुंडम विश्वेश्वरिया टर्मिनल (एसएमवीटी) बैंगलोर - लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को रवाना करने के बाद कहा कि यह कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच रेलवे संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि दक्षिण और उत्तरी कर्नाटक की लंबे समय से लंबित मांगें अब पूरी की जा रही हैं, और इसी श्रृंखला में बैंगलोर और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हाल के वर्षों में रेलवे के बजट में काफी वृद्धि हुई है, जिसके कारण पूरे कर्नाटक में परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 61 स्टेशनों का 2,160 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से नौ स्टेशन पूरे हो चुके हैं। बैंगलोर कैंटोनमेंट स्टेशन का 485 करोड़ रुपये और यशवंतपुर रेलवे स्टेशन का 367 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक कर्नाटक में लगभग 1,750 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं। इसके अलावा हसन-मंगलोरु सेक्शन में विद्युतीकरण का कठिन काम पूरा हो चुका है और इसका परीक्षण चरण चल रहा है। रेल मंत्री ने बैंगलोर उपनगरीय रेलवे परियोजना के बारे में कहा कि चारों कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा है। बायप्पनहल्ली-चिक्कबानावरा और हेलालगे-राजनकुंटे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है और स्टेशनों पर निर्माण कार्य जारी है। केएसआर बैंगलोर-देवनहल्ली रूट को राज्य सरकार और रेलवे ने संयुक्त रूप से मंजूरी दे दी है और इसका भू-तकनीकी सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। केन्गेरी-व्हाइटफील्ड रूट को हाल ही में मंजूरी मिली है और जल्द इसका सर्वेक्षण शुरू होगा। उन्होंने कहा कि यह उपनगरीय रेलवे नेटवर्क हवाई अड्डे, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, मराठाहल्ली और हेब्बल जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों को आपस में जोड़ेगा। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्तमान में कर्नाटक में वंदे भारत की 12 जोड़ी ट्रेनें चल रही हैं। बैंगलोर-मंगलोरु रूट पर परीक्षण कार्य चल रहा है, जिससे जल्द ही मडगांव तक तटीय संपर्क और बेहतर होगा। उन्होंने आगे कहा कि बैंगलोर को हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी मंजूरी दी जा चुकी है। मुंबई, बैंगलोर और अन्य बड़े शहरों को जोड़ने वाले इस नेटवर्क के भविष्य में 7,000 किलोमीटर तक फैलने की उम्मीद है। इस अवसर पर रेल राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर यात्रियों को बड़ा लाभ होगा और कर्नाटक के विकास को और बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में वर्तमान में वंदे भारत की 12 जोड़ी ट्रेनें चल रही हैं, जो 14 जिलों को जोड़ती हैं। उन्होंने कहा कि थानिसंद्रा में 270 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत स्लीपर मरम्मत डिपो स्थापित किया जाएगा, जबकि एसएमवीटी बैंगलोर में 52.73 करोड़ रुपये की लागत से चेयर कार मरम्मत केंद्र बनाया जाएगा। रेलवे क्षमता बढ़ाने के लिए बायप्पनहल्ली-होसुर (1,116 करोड़ रुपये), बेत्तहलसुरु-राजनकुंटे (248 करोड़ रुपये) और बैंगलोर के आसपास चार रेलवे लाइनों की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वी सोमन्ना ने बताया कि यशवंतपुर, केएसआर बैंगलोर, लोट्टे गोल्लाहल्ली, बायप्पनहल्ली, पेनुकोंडा, मैसूरु और जोलारपेट्टई जैसे महत्वपूर्ण खंडों में कुल 6,396 करोड़ रुपये की लागत से स्वचालित सिग्नलिंग का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को रेलवे बजट में रिकॉर्ड 7,748 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य में 2014 से अब तक लगभग 3,840 किलोमीटर रेलवे लाइनें निर्मित और 3,742 किलोमीटर विद्युतीकरण किया जा चुका है, जिससे राज्य 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के करीब पहुंच गया है। इस अवसर पर पीसी मोहन, लहर सिंह सिरोहिया और तेजस्वी सूर्या भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।