कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या पर भाजपा का राज्य सरकार पर तीखा हमला
Awaz E Bihar••9 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट में कर्नाटक में किसानों की आत्महत्या के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि के बाद कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे किसानों की लाशों पर राजनीति कर रहे हैं।
आर अशोक ने गुरुवार को जारी एनसीआरबी की रिपोर्ट 'भारत में दुर्घटनात्मक मौतें और आत्महत्याएं 2024' का हवाला देते हुए कहा कि कर्नाटक में किसानों और कृषि मजदूरों की आत्महत्या के मामलों में 22.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उनके अनुसार यह संख्या 2023 में 2,423 थी, जो 2024 में बढ़कर 2,971 हो गई।
उन्होंने इस वृद्धि पर राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब देश के कई अन्य राज्यों में किसानों की आत्महत्या के मामलों में कमी आई है, तो कर्नाटक में इतनी वृद्धि आखिर किस बात की ओर इशारा करती है।
भाजपा नेता ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की किसान विरोधी नीतियों की हकीकत एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों ने बेनकाब कर दी है। उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या के मामले में कर्नाटक का देश में दूसरे स्थान पर पहुंच जाना सरकार के दावों और उसके शासन की विफलता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा, कर्नाटक किसान आत्महत्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। यही कांग्रेस सरकार की असली तस्वीर है। आर अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के प्रचार और विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि दूसरी ओर किसान फसलों के नुकसान, बढ़ते कर्ज, बिजली की कीमतों में वृद्धि और पानी की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और सरकार कृषि क्षेत्र की बिगड़ती स्थिति को लगातार नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, किसानों को न तो उनकी फसल का उचित मुआवजा मिल रहा है और न ही उनकी जिंदगी की कोई कीमत बची है। क्या यही वह जनहित सरकार है जिसका कांग्रेस ने वादा किया था?
आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि वे किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय कांग्रेस पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक गतिविधियों और नेतृत्व परिवर्तन से संबंधित कयासों में अधिक व्यस्त दिखाई दे रहे हैं।