प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आज भारत की बेटियों के सपने धरती से लेकर अंतरिक्ष तक उड़ान भर रहे हैं. रविवार को अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में श्री मोदी ने अपनी बेटियों की बढ़ती अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनकी भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियों के सपने धरती से लेकर अंतरिक्ष तक उड़ान भर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रयास का नाम 'मिशन शक्ति सेट' है. इसके जरिए 108 देशों की 12,000 महिला छात्रों को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी सीखने और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना कौशल विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 'मिशन शक्ति सेट' के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर भारत और दुनिया के विभिन्न देशों से लगभग 100 छात्राएं एकत्र हुईं। उन्होंने कहा कि इस पहल में भारत के सुदूर इलाकों से चयनित छात्राएं भी भाग ले रही हैं. उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रयास का मकसद बेहद खास है. छात्रों की भागीदारी से विकसित एक उपग्रह को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस पहल से जुड़ी कई छात्राएं आने वाले समय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बनाएंगी। त्योहारों पर स्थानीय स्तर पर बना सामान खरीदें, 'वोकल फॉर लोकल' जन अभियान बनाएं: मोदी नयी दिल्ली, 30 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को व्यापक जन आंदोलन बनाते हुए देशवासियों से आगामी त्योहारों के दौरान घर में बने सामानों को महत्व देने की अपील की और कहा कि स्वदेशी उत्पादों पर गर्व करने से ही आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। श्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 137वीं कड़ी में कहा कि त्योहार न केवल देश की परंपराओं का हिस्सा हैं, बल्कि लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार मनाये जायेंगे. विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर लोगों को अपने आसपास के कारीगरों, शिल्पकारों और साथी विश्वकर्माओं का सम्मान करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिवाली की तैयारियां भी धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं और वह एक बार फिर देशवासियों से इस त्योहारी सीजन में 'वोकल फॉर लोकल' अपनाने की अपील करते हैं। 'वोकल फॉर लोकल' का मतलब सिर्फ मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है, बल्कि इसका दृष्टिकोण बहुत व्यापक है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे अपने घर के लिए कोई भी उत्पाद खरीदते समय यह अवश्य देखें कि वह भारत में बना हो। श्री मोदी ने कहा कि देश में बने उत्पादों पर गर्व करने से ही भारत के आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त होगा और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रचनात्मक जगत से जुड़े लोगों, प्रभावशाली हस्तियों और जानी-मानी हस्तियों से अपील की कि वे 'वोकल फॉर लोकल' को अपनाएं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में कई लोग अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा बदलाव ला रहे हैं. उन्होंने नागरिकों से ऐसे लोगों और उनके अनुकरणीय प्रयासों के बारे में 'मन की बात' के लिए लिखने की अपील करते हुए कहा कि एक व्यक्ति का अनुभव देश के दूसरे कोने में किसी के लिए नई प्रेरणा बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कुछ समय पहले तक एवोकाडो फल के बारे में बहुत कम लोग जानते थे और इसकी मांग भी सीमित थी, लेकिन आज यह लोगों की खाने की टेबल तक पहुंच गया है. उन्होंने देश में एवोकाडो की बढ़ती लोकप्रियता और इसकी खेती से किसानों को होने वाले फायदे का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक एवोकाडो के बारे में कम ही लोग जानते थे और इसकी मांग भी सीमित थी, लेकिन आज यह लोगों की डाइनिंग टेबल तक पहुंच गया है. बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के साथ, यह एक प्रीमियम बाजार विकल्प बन रहा है और किसानों के लिए भी उनकी आय बढ़ाने का एक नया अवसर पैदा कर रहा है।