चीनी मिलों से सम्बन्धित न्यायालय में लम्बित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
Awaz E Bihar••50 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना, 12 अगस्त। बिहार में चीनी उद्योग को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने चीनी मिलों से संबंधित भूमि विवादों और लंबित अदालती मामलों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार की प्राथमिकता है कि भूमि विवाद से चीनी मिलों के प्रबंधन, संचालन और औद्योगिक विस्तार में बाधा न आये। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में बुधवार को उनके कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में चीनी मिलों से संबंधित भूमि संबंधी मामलों की विस्तार से समीक्षा की गयी. बैठक में गण उद्योग मंत्री संजय पासवान भी मौजूद थे. दोनों विभागों के सचिवों और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्रियों को लंबित मामलों की नवीनतम स्थिति से अवगत कराया। बैठक में पूर्वी चंपारण के बारा चिकिया चीनी मिल की संपत्ति से संबंधित मामले की समीक्षा की गयी. इसमें बेतिया राज की जमीन समेत कुल 1008 एकड़ जमीन शामिल है। इसी तरह मोतिहारी स्थित मेसर्स हनुमान शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड की चीनी मिल से संबंधित भूमि मामले पर भी विस्तृत चर्चा हुई. इसमें बेतिया राज की 13 बीघे 6 कट्ठा 13 धौर फ्रीहोल्ड जमीन और 24 बीघे 15 कट्ठा 2 धौर लीजहोल्ड जमीन शामिल है. इसके अलावा गोपालगंज के सासामुसा चीनी मिल से संबंधित भूमि मामलों की भी समीक्षा की गयी. इनमें हथवा राज की 44 बीघे 8 कट्ठा 7 ढोर फ्रीहोल्ड जमीन और 21 बीघे 19 कट्ठा 9 धोर लीजहोल्ड जमीन से जुड़े मामले शामिल हैं. बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित चीनी मिलों से संबंधित मामलों की केसवार समीक्षा की गयी. सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों से अब तक की अदालती कार्यवाही, उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड और अदालत के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों का विवरण मांगा गया था। राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले में भूमि की प्रकृति, स्वामित्व, राजस्व अभिलेख एवं न्यायालय में प्रस्तुत किये गये तथ्यों का गहनता से मिलान करें. उन्होंने कहा कि मामलों की गहन जांच कर विभागीय कार्रवाई में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए. उन्होंने सार्वजनिक भूमि से संबंधित मामलों में राज्य सरकार के हितों की मजबूती से पैरवी सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक भूमि से संबंधित मामलों में उपलब्ध दस्तावेजों एवं तथ्यों के आधार पर स्पष्ट रुख तैयार करने के निर्देश दिये। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा गन्ना उद्योग विभाग के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित मुद्दों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया. अधिकारियों को सभी मामलों की अद्यतन स्थिति तैयार करने तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ न्यायालयों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां भूमि विवाद के कारण चीनी मिलों के संचालन या विकास में बाधा आ रही है, वहां कानून और उपलब्ध तथ्यों के अनुसार निर्धारित अवधि के भीतर कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाए। चीनी उद्योग को और अधिक गति देने के लिए ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया गया। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धरमिंदर सिंह, राजस्व पर्षद के सचिव कुमार मंगलम, विशेष कार्यपालक पदाधिकारी नवाज अख्तर समेत दोनों विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.