गंगा और कोसी नदियों में पानी के लगातार बढ़ने से नोगाचिया सब डिवीजन के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी अब तटबंधों के बहुत करीब पहुंच गया है, जिससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ रही है। हालांकि जल संसाधन विभाग का दावा है कि इस समय सभी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है। मंगलवार की सुबह 6 बजे तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जे बी चौराहा में कोसी नदी में सबसे अधिक चिंताजनक वृद्धि है। यहां कोसी के पानी का स्तर 5 सेंटीमीटर बढ़कर 30.85 मीटर हो गया है, जो चेतावनी स्तर (30.77 मीटर) से 8 सेंटीमीटर अधिक है। यहां खतरे का निशान 31.77 मीटर है। पानी बढ़ने के कारण तटबंध के कई स्थानों पर पानी का स्तर तटबंधों को छूने लगा है। मदरौनी में कोसी नदी में 9 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है, जहां नदी 30.12 मीटर पर बह रही है। गंगा नदी में भी पिछले 24 घंटों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। इस्माइलपुर-बंद टोली में गंगा 30.43 मीटर पर बह रही है, जो 13 सेंटीमीटर की वृद्धि है। यहां चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का निशान 31.60 मीटर है। गंगा का पानी तटबंध के पैर (निचले हिस्से) तक पहुंच गया है। इसके अलावा, राघोपुर में गंगा नदी में 20 सेंटीमीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे पानी का स्तर 31.45 मीटर तक पहुंच गया है। यह राहत की बात है कि काजीकोरिया-राघोपुर मार्जिनल डैम अभी तक सुरक्षित है। नदी के इस भयानक रूप को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों को 24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। पानी के दबाव को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों जैसे कि इस्माइलपुर-बंद टोली, राघोपुर और जे बी चौराहा में तटबंधों के साथ गश्त तेज कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि अगर पानी के स्तर में वृद्धि का यह सिलसिला जारी रहता है तो डैमों पर दबाव और बढ़ सकता है और इससे निपटने के लिए सभी आवश्यक सावधानी और सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।