पटना (एबीएन) राज्य सरकार संभावित बाढ़ को लेकर पूरी तरह से चौकस है। इस संदर्भ में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में बाढ़ से निपटने के कार्यों पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फ्लड जोन्स के चीफ इंजीनियर्स के साथ क्षेत्रवार तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। जायजा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य बाढ़ के मौसम में प्रवेश कर चुका है। इसलिए किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि एंटी एरोशन कार्यों की मंजूरी वर्ष की शुरुआत में दी गई थी ताकि बाढ़ का मौसम शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे हो जाएं। अधिकांश साइटों को पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष को किसी भी कीमत पर एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तटबंधों की नियमित और प्रभावी निगरानी को सुनिश्चित करें। मुख्यालय स्तर से विभाग के सचिव और वरिष्ठ अभियंता नियमित रूप से साइट का निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सभी चीफ इंजीनियर्स को सप्ताह में कम से कम दो बार रात के समय अचानक निरीक्षण करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित अभियंता और श्रमिक साइट पर कैंप कर रहे हैं, संवेदनशील, अत्यधिक संवेदनशील स्थानों पर हूट मैन का नियम और बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए प्रभावी मात्रा में आवश्यक सामग्री का भंडार है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री का भंडार एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। नदियों में अधिक पानी का प्रवाह होने का इंतजार करने के बजाय अभी से सभी संवेदनशील स्थानों पर सामग्री की आपूर्ति को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यालय और जिला प्रशासन की टीमें तैयारियों और भंडारण की पुष्टि के लिए एक सप्ताह बाद साइटों का दौरा करेंगी, इसलिए संबंधित अधिकारी सभी डेटा जिला प्रशासन के साथ साझा करें। उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील और अत्यधिक संवेदनशील तटबंधों पर विशेष सावधानी बरती जाए, रात के समय प्रभावी निगरानी के लिए विशेष रूप से तटबंधों के साथ उपयुक्त प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था की जाए और अप्रत्याशित स्थिति में सामग्री की त्वरित आपूर्ति के लिए पहुंच मार्गों को पहले से ठीक रखा जाए। तटबंधों पर किसी भी तरह के उल्लंघन के मामले में तुरंत मुख्यालय और जिला प्रशासन के साथ संपर्क स्थापित कर कार्रवाई की जाए। साथ ही बाढ़ के दौरान दिखाई नहीं देने वाले रेड होल्स और फॉक्स होल्स की मरम्मत अभी से पूरी करने का निर्देश दिया ताकि तटबंध मजबूत बना रहे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए परीक्षा का समय है। यदि सभी अधिकारी पूरी तीव्रता और जिम्मेदारी के साथ काम करें तो किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा, जबकि जानबूझकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अधिकारियों को मौसम की भविष्यवाणी पर निरंतर नजर रखने और किसी भी स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने उन पर जोर दिया कि वे पानी के स्तर के बढ़ने का इंतजार करने के बजाय हर समय पूरी तरह से चौकस और तैयार रहें। तकनीकी सलाहकार मनोज रमन, चीफ इंजीनियर वरुण कुमार, चीफ इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार अन्य अधिकारियों में उपस्थित थे।