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मुज़फ्फरपुर: साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश, लोगों की व्यक्तिगत जानकारी विदेशों में बेची जा रही थी
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मुज़फ्फरपुर: साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश, लोगों की व्यक्तिगत जानकारी विदेशों में बेची जा रही थी

Awaz E Bihar•22 अप्रैल 2026 को 07:39 pm बजे•6 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

मुजफ्फरपुर, 22 अप्रैल (एबीएन) मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने साइबर नेटवर्क गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को सूचना के आधार पर आहियापुर थाना क्षेत्र के ग्रहा ओपी क्षेत्र में छापा मारा गया। सूचना यह थी कि कफीन चौधरी गांव का रहने वाला रेशम कुमार अवैध एपीआई बनाकर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी विदेशी साइबर गैंग को बेच रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), जिला खुफिया इकाई और साइबर पुलिस स्टेशन के अधिकारी शामिल थे।
मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने तेजी से काम किया और मुख्य आरोपी रेशम कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों, दीपक चौधरी उर्फ आशु कुमार (गाजीपुर, यूपी), सिद्धांशु कुमार (दरभंगा) और साहिल कुमार (मुजफ्फरपुर) को भी गिरफ्तार किया गया। सभी के पास से मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य थे। जांच में पता चला कि आरोपी डेटा इकट्ठा करने के लिए नकली सिम कार्ड और टेलीग्राम आईडी का उपयोग करते थे। इसके बाद यह संवेदनशील जानकारी टेलीग्राम बॉट, एपीआई और ओएसआईएनटी टूल्स के माध्यम से विदेशी अपराधियों को बेची जाती थी। आरोपियों के उपकरणों से कई संदिग्ध टेलीग्राम समूहों और चैनलों के संचालन के साक्ष्य मिले हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुख्य आरोपी से चार मोबाइल फोन और एक आईपैड जब्त किया गया है। पुलिस को उनके बैंक खातों में लगभग चार लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं, जिन्हें वर्तमान में जम्फड़ दिया गया है। इसके अलावा, विदेशी समूहों के साथ डेटा के लेन-देन से संबंधित बातचीत भी सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय संपर्कों की जांच कर रही है और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान कर रही है।
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