नीतीश कुमार की इच्छा पर सुमो चौधरी मुख्यमंत्री बने, नीतियां वही रहेंगी: विजय चौधरी
Awaz E Bihar••3 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना, 23 अप्रैल (एबीएन) उपमुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि सुमात्र चौधरी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखा था, जिसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शीर्ष नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया है। जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए विजय चौधरी ने विभिन्न राजनीतिक सवालों के जवाब दिए। जब उनसे पूछा गया कि अब केंद्र और राज्य दोनों स्थानों पर सर्वोच्च पद बीजेपी के पास चले गए हैं, तो उन्होंने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य बताते हुए कहा "पिछले 20 वर्षों से मुख्यमंत्री का पद जेडीयू के पास था और बीजेपी इसे लगातार समर्थन दे रही थी। 2020 के चुनाव में बीजेपी को 74 और जेडीयू को केवल 43 सीटें मिली थीं, इसके बावजूद गठबंधन के फैसले के अनुसार नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने थे। विजय चौधरी के अनुसार, इस बार नीतीश कुमार ने स्वयं यह फैसला किया कि वे राज्यसभा जाएंगे और मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सुमात्र चौधरी को सौंपी जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि यह केवल एक 'प्रशासनिक परिवर्तन है। सरकार की मूल नीतियां और विकास एजेंडा नीतीश कुमार के दृष्टिकोण के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) पूरी तरह से एकजुट है और भविष्य में परस्पर सहयोग के माध्यम से राज्य के विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। विजय चौधरी ने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार अभी भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करेगी और उनके द्वारा शुरू किए गए विकास परियोजनाएं बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रही है, और जनता से किए गए सभी वादों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। पिछले दो दशकों के दौरान जनता ने बार-बार अपने विश्वास का प्रदर्शन किया है कि वे अपना भरोसा केवल श्री नीतीश कुमार की विकास नीतियों पर रखते हैं। विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने के खाली होने के दावे पूरी तरह से आधारहीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरजेडी के शासनकाल में वित्त विभाग लगातार घाटे में था, जबकि आज राज्य का वित्तीय तंत्र कहीं अधिक पारदर्शी और मजबूत है। श्री चौधरी ने आगे कहा कि श्री निशांत के प्रस्तावित दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है और इसे एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरजेडी की ओर से इस दौरे के बारे में जो टिप्पणियां की जा रही हैं, वे पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं, जबकि बिहार के लोगों ने जेडीयू की जनसंपर्क अभियान के लाभों को सीधे देखा है।