नर्सिंग कॉलेजों में निश्चित पैमाने का अनुपालन परीक्षण होगा: अंक
Awaz E Bihar••2 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने का निर्देश
पटना 01 सितम्बर 2026: बिहार में नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने तथा नर्सिंग कॉलेजों में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सुधारात्मक एवं निगरानी उपाय किये जा रहे हैं। इस संबंध में नर्सिंग क्षेत्र से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में पोर्टल बीएनआरसी, नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता एवं वर्कफोर्स रिफॉर्म्स नर्सिंग से संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने नर्सिंग कॉलेजों में निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये. नर्सिंग कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की नियुक्ति, समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने और आंतरिक मूल्यांकन करने का भी निर्देश दिया गया. स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने निर्देश दिया कि नर्सिंग कॉलेजों के मानकों की जांच के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी बनाकर भौतिक निरीक्षण कराया जाये. निरीक्षण के दौरान संस्थानों में आधारभूत संरचना, शिक्षण व्यवस्था, मानव संसाधन, आवश्यक सुविधाएं एवं अन्य निर्धारित मापदंडों की गहन जांच सुनिश्चित करने को कहा गया. जिन संस्थानों में मानकों से संबंधित कमियां पाई जाएं, उन्हें निर्धारित अवधि में कमियां दूर करने के निर्देश दिए जाएं। इस संबंध में सभी नर्सिंग कॉलेजों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने को भी कहा गया. शैक्षणिक गतिविधियों की प्रभावी निगरानी के लिए नर्सिंग कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को लाइव फीड लिंक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके जरिए नर्सिंग कॉलेजों में चल रही कक्षाओं की सीधे निगरानी और निरीक्षण किया जा सकेगा। इससे शिक्षण प्रणाली में पारदर्शिता, समय की पाबंदी और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। बैठक में नये पोर्टल पर प्राप्त एलओपी की प्रगति की भी समीक्षा की गयी. अधिकारियों को लंबित आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही ऑफलाइन मान्यता के लिए पूर्व में प्राप्त आवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि जिन संस्थानों ने मान्यता के लिए निरीक्षण का अनुरोध नहीं किया है, उनका एक निर्धारित समय सीमा के अंदर निरीक्षण किया जाये. ऐसे मामलों में स्पष्ट समय-सीमा स्थापित की गई। निरीक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं कुशल बनाने के लिए यादृच्छिक निरीक्षण समितियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य नर्सिंग संस्थानों की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन कर निर्धारित पैमाने का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। उन्होंने निगरानी और निरीक्षण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ सभी नर्सिंग संस्थानों में निर्धारित मानदंडों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में पारदर्शिता, जवाबदेही, प्रभावी निगरानी और गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन विकास के संदर्भ में नर्सिंग क्षेत्र में सुधारों की भी समीक्षा की गई।