धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन किया जाये: अशोक चौधरी
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पटना, 28 सितंबर: (एबीएन) खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्र सरकार से खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए राज्य में धान खरीद का लक्ष्य 3.5 लाख से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया है. अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार में धान का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन खरीद का लक्ष्य घट रहा है. 2023-24 में 133.26 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के मुकाबले खरीद लक्ष्य 4.5 लाख टन था, जबकि 2026-27 में अपेक्षित उत्पादन 154.39 लाख मीट्रिक टन है, लेकिन खरीद लक्ष्य घटाकर 3.5 लाख टन कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य की धान उपार्जन क्षमता को भी लगातार मजबूत किया गया है। 2025-26 में लक्ष्य का 99.84 प्रतिशत धान खरीदा गया, जो राज्य की बेहतर प्रबंधन क्षमता का प्रमाण है। मंत्री ने मांग की कि खरीद लक्ष्य पिछले तीन वर्षों की औसत खरीद के बजाय राज्य की अपेक्षित उत्पादन और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर तय किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, बिहार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए हर साल करीब 48.87 लाख मीट्रिक टन धान की जरूरत होती है. लक्ष्य बढ़ाने से अधिक किसान अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेच सकेंगे और राज्य चावल के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर 2026 को खाद्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यों के लिए धान अधिप्राप्ति लक्ष्य के निर्धारण पर विचार किया गया. मौजूदा व्यवस्था के तहत पिछले तीन साल की औसत खरीद के आधार पर लक्ष्य तय किया जाता है, लेकिन बिहार के मामले में यह पद्धति राज्य में लगातार बढ़ रहे धान उत्पादन और किसानों की उत्पादकता के हिसाब से लक्ष्य तय करने में बाधा बन रही है. उन्होंने कहा कि बिहार अब स्थानीय स्तर पर अपनी जरूरत के मुताबिक धान खरीदने की क्षमता रखता है. राज्य की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार खरीद लक्ष्य तय करने से बिहार खाद्यान्न के मामले में अधिक आत्मनिर्भर हो सकेगा और अन्य राज्यों से चावल खरीदने पर होने वाली अतिरिक्त परिवहन लागत में भी कमी आएगी।