पटना नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी
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पटना नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी

Awaz E Bihar••230 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें

पटना, 2 अगस्त: (एबीएन) राजधानी पटना में अपने तीन सूत्री मांगों के समर्थन में पटना नगर निगम के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। सड़कों, बाजारों और आवासीय इलाकों में कूड़े के ढेर जमा होने से नागरिकों में चिंता देखी जा रही है।

इस बीच, नागरिक सुविधाओं पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने हड़ताली कर्मचारियों से मानवता और जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल काम पर लौटने की अपील की है। नगर आयुक्त ने एक बयान में कहा कि पटना जैसे घनी आबादी वाले शहर की सफाई केवल एक सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था के बिगड़ने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य की समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए कर्मचारियों को चाहिए कि वे जनहित को प्राथमिकता देते हुए वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान ढूंढें।

उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की तीन सूत्री मांगों के संबंध में सचिव स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा चुकी है, जिसमें विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया गया है। कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन को भी उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है ताकि इस पर जल्द निर्णय लिया जा सके। आयुक्त ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी किसी कर्मचारी के वेतन या अन्य भुगतान में कोई अन्याय नहीं होगा और सभी वैध भुगतान निर्धारित समय पर किए जाएंगे।

शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नगर निगम ने आपातकालीन वैकल्पिक व्यवस्था लागू करते हुए सफाई की जिम्मेदारी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के कर्मचारियों को सौंप दी है। प्रशासन के अनुसार, ये अधिकारी पुलिस की सख्त निगरानी में विभिन्न क्षेत्रों में सफाई का काम करेंगे ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े और कूड़े के ढेर जमा न हों।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि हड़ताली कर्मचारियों या किसी अन्य व्यक्ति ने सफाई कार्य में बाधा डालने, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को धमकाने या सरकारी कार्य में व्यवधान डालने का प्रयास किया तो ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ नामित एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन कानून के शासन पर कोई समझौता नहीं करेगा।

दूसरी ओर, दैनिक मजदूरी पर काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में कथित कटौती के मामले पर भी नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ इस प्रकार की कई शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच जारी है। यदि जांच में किसी एजेंसी को कर्मचारियों के शोषण, वेतन में अवैध कटौती या अन्य अनियमितताओं का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नगर प्रशासन कर्मचारियों की वैध मांगों को सुनने और उनका उचित समाधान ढूंढने के लिए पूरी तरह से तैयार है। वार्ता का दरवाजा खुला हुआ है और प्रशासन उम्मीद करता है कि जल्द ही बातचीत के माध्यम से वर्तमान गतिरोध समाप्त हो जाएगा, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बहाल हो सके।

इस बीच, हड़ताल के कारण सफाई की गति धीमी होने से नागरिकों में बेचैनी बढ़ रही है। कई इलाकों में कूड़ा समय पर नहीं उठने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन और कर्मचारी जल्द ही किसी सहमति तक पहुंचेंगे ताकि सामान्य नागरिक सेवाएं बहाल हो सकें और पटना की सफाई व्यवस्था फिर से पूरी गति से काम करने लगे।
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