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पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर फिर हड़ताल पर, ओपीडी सेवाएं बंद
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पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर फिर हड़ताल पर, ओपीडी सेवाएं बंद

Awaz E Bihar•26 सितंबर 2026 को 06:42 pm बजे•26 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

पटना (एबीएन) राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) के जूनियर डॉक्टर एक बार फिर हड़ताल पर चले गये हैं. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) ने 26 सितंबर से अगले आदेश तक ओपीडी सेवाएं बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, आपातकालीन, आईसीयू और अन्य आवश्यक जीवन रक्षक सेवाएं जारी रहेंगी। जेडीए ने स्वास्थ्य विभाग से उनकी मांगों पर तत्काल चर्चा कर तय अवधि में कार्रवाई करने की अपील की है.
जेडीए ने अपनी हड़ताल के पीछे 4 मुख्य कारण बताए हैं. संगठन की पहली मांग डॉक्टरों पर हो रहे हमलों से जुड़ी है. जेडीए ने डीएमसीएच (दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) और पीएमसीएच में हाल में हुई हिंसा की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई, संस्था द्वारा एफआईआर दर्ज करने और प्रभावी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है. दूसरा मामला सहरसा में डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई से जुड़ा है. जेडीए ने डॉ. सुशील कुमार आजाद और डॉ. रोशन लाल पर की गयी कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है. संगठन का कहना है कि पूरे मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कार्रवाई की समीक्षा की जानी चाहिए और स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों का पक्ष भी सुनना चाहिए.
तीसरी मांग बांड पर नियुक्त डॉक्टरों से जुड़ी है. जेडीए का कहना है कि इन डॉक्टरों के वेतन को संशोधित किया जाना चाहिए और उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार उचित पद और पारिश्रमिक तय किया जाना चाहिए। चौथी मांग एनओसी पॉलिसी से जुड़ी है. जेडीए ने स्वास्थ्य विभाग के तहत लगाए गए प्रतिबंधों से संबंधित प्रावधानों में संशोधन की मांग की है. संगठन के अनुसार, मौजूदा प्रतिबंधात्मक प्रावधानों की समीक्षा की जानी चाहिए और आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए। जेडीए ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग को इन सभी मुद्दों पर तुरंत डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करनी चाहिए और निर्धारित अवधि के भीतर समाधान निकालना चाहिए.
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