भोपाल में शिक्षकों का प्रदर्शन, टीईटी की अनिवार्यता का विरोध
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भोपाल: राजधानी भोपाल में शनिवार को 'अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा' के बैनर तले पूरे प्रदेश के शिक्षकों ने बड़ा प्रदर्शन किया। 'मुख्यमंत्री अनरोध यात्रा' के तहत भेल स्थित दसहरा मैदान में आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न जिलों से आए लगभग 50 हजार से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर शिक्षकों ने एमपी नगर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लेती है, तो जून के महीने में और बड़े आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी। संघ के अध्यक्ष भरत पटेल ने इस संबंध में सरकार को चेतावनी भी दी। मोर्चा के संयोजक जगदीश यादव ने कहा कि अगर सरकार परीक्षा आयोजित करना चाहती है, तो शिक्षकों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए और उन्हें जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्यों में नहीं उलझाया जाना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि पहले से नौकरी कर रहे शिक्षकों पर दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) लागू करना उचित नहीं है, क्योंकि नियुक्ति के समय उन्होंने सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी की थीं। 25-20 वर्षों की नौकरी के बाद नई शर्तें लागू करना अन्यायपूर्ण बताया गया। शिक्षकों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश से राज्य के 90 से 95 प्रतिशत शिक्षक प्रभावित हुए हैं, विशेष रूप से वे जो पहले 'अध्यापक' थे और बाद में शिक्षक कैडर में शामिल हुए। इन शिक्षकों ने कम वेतन पर नौकरी शुरू की थी और अब भी पेंशन, ग्रेच्युटी और सेवा की अवधि के हिसाब जैसे मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। संयुक्त मोर्चा ने सरकार पर आरोप लगाया कि नियुक्ति की वास्तविक तिथि से सेवा का लेखा नहीं किया जा रहा है, जिससे वित्तीय नुकसान हो रहा है। अब टीईटी की शर्त लागू होने से उन पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है और भविष्य में पेंशन और ग्रेच्युटी कम मिलने का खतरा भी बढ़ गया है। प्रदर्शन के दौरान दसहरा मैदान में भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके कारण पंडाल छोटा पड़ गया और कई शिक्षकों को पेड़ों के नीचे बैठना पड़ा। पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारियों को अपनी गाड़ियां दूर ही रोकनी पड़ी और पैदल ही कार्यक्रम के स्थान तक पहुंचना पड़ा। स्पष्ट रहे कि इसके पहले 8 अप्रैल को जिला स्तर और 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर भी प्रदर्शन किए जा चुके हैं। इसी क्रम में यह राज्य स्तरीय प्रदर्शन आयोजित किया गया। अंत में शिक्षकों ने एमपी नगर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन समाप्त किया।