राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के हाईकमान पर सवाल उठाए, कहा - मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना
Awaz E Bihar••5 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
चंडीगढ़, आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा में उप नेता पद से हटाए जाने से नाराज सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी हाईकमान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्यसभा सचिवालय को राघव की जगह अशोक मित्तल को नियुक्त करने की सिफारिश की है। मित्तल जालंधर में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं। राघव 2024 के पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान एक प्रमुख चेहरा थे। वह कुछ समय से पंजाब की राजनीति से गायब हैं।
राघव चड्ढा ने आज सुबह एक वीडियो जारी किया। इसमें वह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि 'मुझे خامोश कराया गया है, हारा नहीं हूं। मुझे जब-जब बोलने का मौका मिलता है, तो मैं आम आदमी के मुद्दों को उठाता हूं। संसद में ऐसे मुद्दों पर बात करता हूं, जिन्हें आम तौर पर सदन में नहीं उठाया जाता।'
उन्होंने सवाल किया कि जन समस्याओं को उठाना, जन समस्याओं पर बात करना अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है, कोई गलती कर दी है? चड्ढा ने कहा कि मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को यह लिखकर दिया है कि राघव चड्ढा के सदन में बोलने पर पाबंदी लगा दी जाए। बोलने का मौका न दिया जाए। उन्होंने सवाल किया कि कोई मेरे बोलने से क्यों रोकना चाहता है? जब मैं बात करता हूं तो देश के आम आदमी के लिए बोलता हूं। संसद में मैंने हवाई अड्डे पर महंगे खाने का मुद्दा उठाया, टोल और बैंक लूट का मामला उठाया। मध्यम वर्ग के साथ हो रही लूट पर चर्चा की, टेलीकॉम कंपनियां कैसे 12 महीने में 13 बार रिचार्ज कराती हैं, आदि पर चर्चा की।
उन्होंने कहा, 'इस मुद्दे को उठाने से आम आदमी को फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मेरी आवाज को क्यों बंद करना चाहेगा? आप लोग मुझे बेहद प्यार देते हैं, आप मुझे हौसला देते हैं, ऐसे ही मेरा हाथ और मेरा साथ थामे रखेंगे। छोड़िए नहीं। मैं आप में से हूं, आपके लिए हूं। जिन लोगों ने संसद में बोलने का अधिकार छीन लिया, उनके लिए कहना चाहूंगा कि मेरी خامोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वह नदी हूं जो समय आने पर सैलाब बनता है।'