प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले ने 92 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया
Awaz E Bihar••25 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं हैं। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। लगभग 7 दशकों तक फिल्मी दुनिया में अपनी मधुर आवाज का जादू चलाने वाली गायिका को शनिवार (11 अप्रैल) को तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल सेवा इकाई में उनका इलाज चल रहा था। पूरी दुनिया में मौजूद उनके प्रशंसक प्रार्थनाएं कर रहे थे, लेकिन रविवार के दिन गायिका ने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके बेटे आनंद भोसले ने पत्रकारों से बात करते हुए मृत्यु की खबर की पुष्टि की।
यह स्पष्ट है कि शनिवार को आशा भोसले की तबीयत बिगड़ने की खबर आई थी। गायिका की पोती जान्हवी भोसले ने 'इंस्टाग्राम' पोस्ट के माध्यम से उनके स्वास्थ्य के बारे में बताते हुए लिखा था कि 'गंभीर थकान और सीने में संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि हमारी गोपनीयता का सम्मान करें। उनका इलाज चल रहा है और उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा'। गायिका की तबीयत खराब होने के बाद अस्पताल के बाहर प्रशंसकों की भीड़ जमने लगी थी, साथ ही आशा भोसले के निवास स्थान के बाहर भी उनके चाहने वाले इकट्ठे होने लगे थे। सभी को उम्मीद थी कि गायिका स्वस्थ होकर लौटेंगी, लेकिन प्रशंसकों की यह उम्मीद टूट गई।
आशा भोसले के अंतिम संस्कार सोमवार (13 अप्रैल) को किए जाएंगे। गायिका के पार्थिव शरीर को सुबह 11 बजे लोअर परेल में स्थित उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क में उनके अंतिम संस्कार किए जाएंगे। यह वही स्थान है जहां उनकी बहन लता मंगेशकर के भी अंतिम संस्कार किए गए थे।
यह उल्लेखनीय है कि 8 सितंबर 1933 को आशा भोसले का जन्म संगीत से जुड़े एक परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक अभिनेता और शास्त्रीय गायक थे। आशा भोसले प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। जब आशा भोसले महज 9 वर्ष की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनका परिवार पुणे से कोल्हापुर और बाद में मुंबई आ गया। बड़ी बहन लता मंगेशकर के नक्शेकदम पर चलते हुए वे भी संगीत की दुनिया में आईं। आशा भोसले ने पहला गाना मराठी फिल्म 'माझा बाल' (1943) में 'चला चला नावाला' गाया था, जबकि बॉलीवुड में उनका पहला गाना फिल्म 'चुनरिया' (1948) में 'सावन आया' था। यहां से शुरू होने वाला संगीत और गीतों का सफर 5 दशकों से अधिक समय तक जारी रहा और देखते ही देखते आशा भोसले भारतीय संगीत की महान व्यक्तियों में शामिल हो गईं।