राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में दो और अधिकारियों पर कार्रवाई
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पटना, 3 जुलाई (एबीएन) राजस्व व भूमि सुधार में भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और लापरवाही के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में तेजी आ रही है। विभागीय मामलों की समीक्षा के दौरान शुक्रवार को राजस्व व भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जेसवाल ने दो अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मंजूरी दी। इसके साथ ही पिछले एक महीने में विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, प्रशासनिक अनियमितताओं और लापरवाही के मामलों में कार्रवाई का सामना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या 62 हो गई है। मंत्री ने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि जनता से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग और लापरवाही के लिए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए विभाग में कार्रवाई का अभियान आगे भी उसी सख्ती के साथ जारी रहेगा। शुक्रवार को मंजूर की गई कार्रवाई के तहत शिवहर के सर्कल अधिकारी (अंचल अधिकारी) आनंद कुमार मंडल के खिलाफ विभागीय चार्जशीट तैयार की गई है। उनके खिलाफ 'प्रीमार्जन (संशोधन) के बदले जमीन खरीदने, अवैध प्रवेश निकासी, फर्जी प्रीमार्जन करने, निजी गाड़ी में सरकारी डीजल का उपयोग करने, निजी दलाल रखने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए चार्जशीट तैयार की गई है। इसी तरह फोर्ब्सगंज (अररिया) की तत्कालीन सर्कल अधिकारी और वर्तमान जिला लेखा अधिकारी (सहकारी सेवा कैडर) मिस राखी कुमारी के खिलाफ भी विभागीय स्तर पर चार्जशीट तैयार कर उनके मूल विभाग, सहकारिता विभाग को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है। उन पर सर्कल अधिकारी, फोर्ब्सगंज के रूप में तैनाती की अवधि के दौरान बंदोबस्त रद्दीकरण केस संख्या 13/2017-18 की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब करने का आरोप है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले 19 जून को मंत्री डॉ दिलीप कुमार जेसवाल ने भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, प्रवेश निकासी और प्रीमार्जन में अनियमितताओं, सरकारी जमीन के मामलों में गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों में 10 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की मंजूरी दी थी। इसके पहले 12 जून को भी आठ सर्कल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। मंत्री डॉ दिलीप कुमार जेसवाल ने कहा कि राजस्व व भूमि सुधार विभाग में 'शून्य सहनशीलता की नीति के तहत भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और समय पर सेवाएं प्रदान करना सरकार की पहली प्राथमिकता है और इस उद्देश्य में बाधा बनने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।