छात्र कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लायें : रमांशाद
Awaz E Bihar••8 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु विभागीय योजनाओं की मंत्रिस्तरीय समीक्षा
पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विशेषकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. विद्यार्थियों से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिकारी बारीकी से निगरानी रखें ताकि कोई भी जरूरतमंद विद्यार्थी वंचित न रहे। वह बुधवार को पटना के जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक अनुसंधान संस्थान के सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं. उन्होंने जिला स्तर पर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाये। निरीक्षण के दौरान चिन्हित कमियों को दूर करने, छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में निबंधन, मेस संचालक, खाद्यान्न, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी, रसोइया एवं आरओ की सुविधाओं की जांच की गयी. वहीं, पिछड़े वर्ग की लड़कियों के आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में सीसीटीवी, शिक्षक प्रतिनियुक्ति, POCSO और POSH समिति, आपातकालीन वाहन, ANM, GNM और SPV वैक्सीन को भी मंजूरी दी गई। करीब 1.57 करोड़ रुपये के डीसी बिल का त्वरित निस्तारण वित्तीय मामलों की समीक्षा में विभिन्न जिलों में करीब 1.57 करोड़ रुपये के डीसी बिल लंबित पाये गये. उनके समायोजन हेतु आवश्यक कार्रवाई शीघ्र करने का निर्देश दिया गया. मंत्री को गोपालगंज और लखीसराय में लंबित उपयोगिता प्रमाणपत्रों का तत्काल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया। मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति और मेधा छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर धनराशि का वितरण और विभाग और सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समय पर निवारण पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला स्तर पर विभागीय व्यवस्था को मजबूत करने, स्पष्ट कार्य विभाजन, अभिलेखों का पूर्ण प्रभार सुनिश्चित करने, नियमित निरीक्षण एवं बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर चर्चा की गयी. अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ डेटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी कर्मियों और अन्य आवश्यक मानव संसाधनों का प्रबंधन किया जा रहा है। इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथल ने कहा कि मंत्री के मार्गदर्शन में विभाग को मजबूत किया जा रहा है. योजनाओं का समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जिला कल्याण पदाधिकारियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की जिम्मेदारी दी गयी है. उन्होंने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने तथा नियमित निरीक्षण पर विशेष ध्यान देने पर भी जोर दिया। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।