तमिलनाडु के पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 19 लोगों की मौत
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चेन्नई, 19 अप्रैल (यूएनआई) भारत के राज्य तमिलनाडु के जिले विरुधुनगर में स्थित एक पटाखा निर्माण करने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि का कारण बनकर पूरे क्षेत्र को शोकसंतप्त कर दिया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अब तक 19 लोगों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जबकि कई अन्य के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। कई लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें तत्काल निकट के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना विरुधुनगर के कटानारपट्टी क्षेत्र में स्थित एक क्रैकर यूनिट में हुई, जहां अचानक हुए विस्फोट ने आसपास की चार यूनिटों को भी अपनी चपेट में ले लिया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि निकट की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा और पूरे क्षेत्र में भय और आतंक फैल गया। सूत्रों के अनुसार यह फैक्ट्री रविवार के दिन बंद रहती है, लेकिन घटना के समय वहां काम जारी था, जिसने कई सवालों को जन्म दिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा था और संभवतः यही लापरवाही इस बड़े हादसे का कारण बनी।
घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य सहायता एजेंसियां लगातार मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयासों में जुटी हुई हैं। पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी और नुकसान से बचा जा सके। पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दुखद घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गहरे दुख का इज़हार किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि इस घटना में कीमती जानों का नुकसान बहुत दर्दनाक है और वे पीड़ित परिवारों के दुख में बराबर के शریک हैं। उन्होंने संबंधित मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करें और पीड़ितों को हर संभव मदद प्रदान की जाए।
घटना के समय वहां लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे और अधिकांश शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। यह विस्फोट मुथुमानिकम की स्वामित्व वाली "वनजा पटाखा मैनुफैक्चरिंग यूनिट" में हुआ। इस यूनिट के पास पटाखा बनाने का नियमित लाइसेंस भी था, लेकिन रविवार को सरकारी छुट्टी होने के बावजूद फैक्ट्री में काम जारी था।
घटना की सूचना मिलते ही शिवकाशी, विरुधुनगर और सट्टूर से फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों की कई यूनिटें मौके पर पहुंच गईं, जिन्होंने काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया और राहत कार्य पूरे किए। विरुधुनगर के जिला पुलिस अधीक्षक एसपी श्रीनाथ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर बचाव अभियानों की सीधी निगरानी करते रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों से संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संदेश में इस दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना में जान गंवाने वाले वे मजदूर थे जो अपने परिवार की रोजी-रोटी के लिए घर से निकले थे। उन्होंने इस नुकसान को अत्यंत दुखद बताते हुए पीड़ितों के लिए प्रार्थना की। इसी तरह पीयूष गोयल ने भी इस दुर्घटना पर गहरे दुख का इज़हार करते हुए घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की।
वर्तमान में घटना के कारणों की पूरी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में कमी इस दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।