बंगाल में तृणमूल का कल खत्म हो जाएगा और भाजपा का कल शुरू हो जाएगा: प्रधानमंत्री
Awaz E Bihar••3 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं करा पाने के बाद पश्चिम बंगाल में अपनी पहली रैली में तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, "यह भीड़ 'अत्याचारी सरकार के खिलाफ गुस्से का इज़हार' है।" उन्होंने कहा कि "भीड़ हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। लोग इस रैली में शामिल होने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। यह लोगों के गुस्से का इज़हार है।" तृणमूल को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भाजपा शासनकाल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि "हम देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी चाहते हैं। हम चाहते हैं कि महिलाएं और बेटियां राजनीति में आएं। भाजपा महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण चाहती थी, लेकिन तृणमूल ऐसा नहीं चाहती थी, क्योंकि महिलाएं उनके 'महा जंगल राज' को चुनौती दे रही हैं।"
उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने और विभाजनकारी नीतियों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "यह वही तृणमूल है, जो आतंकवादियों को देश में प्रवेश करने देती है और धर्म के आधार पर आरक्षण चाहती है। वे आतंकवादियों की बात सुन रहे हैं, कर्मी समाज की नहीं।"
उन्होंने हाल ही में असफल हुए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 का मुद्दा भी उठाया, जिसका उद्देश्य नई सीमांकन अभ्यास के साथ जोड़कर संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना था।
उन्होंने कहा, "महिला आरक्षण विधेयक लागू होना चाहिए, लेकिन तृणमूल ऐसा नहीं चाहती। वे नहीं चाहते कि राज्य की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें। वे नहीं चाहते कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़े। उन्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए।"
उन्होंने राज्य में बुनियादी ढांचे की चिंताओं पर तृणमूल पर पाइप से पानी की आपूर्ति में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "भाजपा की डबल इंजन सरकार हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाना सुनिश्चित करेगी।"
उन्होंने कहा, "मैं तृणमूल के गुंडों को आखिरी मौका दे रहा हूं - 29 अप्रैल से पहले थानों में आत्मसमर्पण कर दें, वरना आपको माफ नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "तृणमूल का 'भय कल खत्म होगा, और भाजपा का 'भरोसा कल शुरू होने वाला है।"
उन्होंने राज्य सरकार पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, "15 साल के भ्रष्टाचार ने पश्चिम बंगाल के हर परिवार को परेशान किया है। तृणमूल के जंगल राज में आदिवासी जिले पिछड़ रहे हैं। सड़क, पानी, स्कूल सब कुछ खस्ताहाल है। यहां तक कि आदिवासियों की जमीन पर भी उनका नियंत्रण नहीं है, क्योंकि सिंडिकेट ही सब कुछ चला रहे हैं।"
उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार अवैध खनन, सिंडिकेट नियंत्रण और भ्रष्टाचार का खात्मा कर देगी। उन्होंने कहा, "भाजपा इस लूट को रोकेगी और आपके घरों तक पानी पहुंचाएगी। हम इस सिंडिकेट प्रणाली को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।"
महिला सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने तृणमूल पर सुरक्षा को कुचलने का आरोप लगाया और राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अपराध की घटनाओं का उल्लेख किया। चुनावी बदलाव की अपील करते हुए उन्होंने मतदाताओं से हर बूथ पर तृणमूल को हराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, "आपने यहां से भाजपा के सांसदों का चुनाव किया है। अब भाजपा के विधायकों का चुनाव करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आपने मुझे प्रधानमंत्री बनाया है, अब यहां भाजपा का मुख्यमंत्री भी बनाएं।"
चुनावी परिणामों पर विश्वास व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा, "अपने राजनीतिक अनुभव से मैं कह सकता हूं कि 4 मई के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा। अगर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों भाजपा के होंगे तो पुरुलिया का विकास दोगुनी गति से होगा। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री एक साथ, दिन-रात विकास होगा।"
कल्याणकारी वादों का उल्लेख करते हुए मोदी ने स्पष्ट किया कि भाजपा के घोषणापत्र के तहत महिलाओं को वार्षिक 36,000 रुपये, गर्भावस्था के दौरान 21,000 रुपये की सहायता और शिक्षा के लिए 50,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि 75 लाख महिलाओं के लिए अधिक आय को सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए जाएंगे।
उन्होंने संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का विरोध करने पर भी तृणमूल को निशाने पर लिया और मतदाताओं से अपील की कि इस चुनाव में "इस अपराध के लिए पार्टी को सजा दें।"