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लोकतंत्र को मजबूत बनाने में शासक और विपक्ष दोनों की समान भूमिका है
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लोकतंत्र को मजबूत बनाने में शासक और विपक्ष दोनों की समान भूमिका है

Awaz E Bihar•11 जुलाई 2026 को 07:23 pm बजे•12 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें

पटना, 11 जुलाई, (एबीएन) गया जी के बिपार्ड में आयोजित बिहार विधानसभा के सदस्यों के दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष श्री उदय नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार और उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से मोमबत्ती जलाकर उद्घाटन किया। बिपार्ड गया (गया जी), प्राइड (लोकसभा) और बिहार विधानसभा सचिवालय के संयुक्त तत्वावधान में यह दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जागरूकता कार्यक्रम को उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल (सेवानिवृत) लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने संबोधित किया।

कार्यक्रम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'काबिल विधायक और मजबूत विधानसभा समृद्ध बिहार की नींव हैं।' उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता का आधार जनता के प्रतिनिधियों की योग्यता, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर निर्भर करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र के लोगों के विश्वास और अपेक्षाओं के साथ विधानसभा में भेजा गया है। ऐसे में हर विधायक की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं, जनता की अपेक्षाओं और विकास से संबंधित मुद्दों को पूरी तैयारी, तथ्यों और सकारात्मक तरीके से सदन में उठाएं। उन्होंने सभी सदस्यों से विधानसभा के कार्य, नियमों और संसदीय परंपराओं का गहन अध्ययन करने का अनुरोध किया ताकि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष दोनों का निर्माणकारी और सकारात्मक भूमिका आवश्यक है। स्वस्थ संवाद, अर्थपूर्ण चर्चा और जनहित को प्राथमिकता देने की भावना विधानसभा की गरिमा को बढ़ाती है और राज्य के विकास को नई गति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान अधिक से अधिक समय सदन को दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को सुनिश्चित करना न केवल सरकार की बल्कि हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा के कार्य को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नई तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में पीपीपी मॉडल के माध्यम से बस स्टैंड, टाउनशिप और अन्य बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को गति देकर विकास को नई दिशा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'सहयोग' कार्यक्रम चला रही है। मेरा आप सभी से अनुरोध है कि इसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। आपकी सक्रिय भागीदारी से लोगों को न्याय और बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार के ऐतिहासिक कदम का उल्लेख करते हुए कहा कि 15 जुलाई से राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में 213 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल उच्च शिक्षा के विस्तार, युवाओं को अपने क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने और समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि गया जी में आयोजित यह दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय परंपराओं, विधायी जिम्मेदारियों और जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करेगा और एक काबिल विधायक, मजबूत विधानसभा और एक समृद्ध बिहार के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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