बिहार की प्रमुख विकास परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री की नजर, काम में तेजी लाने का आदेश
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पटना, 22 सितंबर: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने और उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है. उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की निरंतर निगरानी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में 'बिहार गति' के तहत चिह्नित प्रमुख परियोजनाओं के साथ-साथ केंद्र प्रायोजित और राज्य प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सड़क निर्माण, जल संसाधन, उद्योग एवं समाज कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत स्थिति प्रस्तुत की गयी. सुलतानगंज-तारापुर-सिंगरामपुर-बेलहर-कटोरिया-चांदन-दर्दमारा पथ की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सुलतानगंज से 40 किलोमीटर तक की सड़क को चार लेन में बदलने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने बेलहर से दर्दमारा तक फोर लेन सड़क का निर्माण भी सुनिश्चित करने को कहा. मुख्यमंत्री ने भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजना बनाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी में पेयजल आपूर्ति की परियोजना की भी समीक्षा की गयी. परियोजना के तहत सोन नदी के सतही जल का उपयोग पीने के लिये किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति की सतत निगरानी कर निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने मधुबनी जिले में कमला नदी पर बराज निर्माण के संबंध में भी काम में तेजी लाने और सभी आवश्यक कार्य समय पर पूरा करने को कहा, ताकि सिंचाई परियोजनाओं का लाभ समय पर किसानों को मिल सके. औद्योगिक परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत गया में स्थापित किये जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) का उद्घाटन अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में करने का निर्देश दिया. सरकार के मुताबिक इस क्लस्टर के शुरू होने से बिहार में करीब 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है. बैठक में दक्षिण बिहार की नहरों और नदी तटबंधों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को संभावनाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। सक्षम आंगनबाडी और पोशन 2.0, मिशन शक्ति-समर्थ और किशोरियों के लिए भोजन योजना सहित सामाजिक कल्याण और आईसीडीएस योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित कल्याण एवं पोषण योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक समय पर पहुंचना चाहिए और उनके कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'बिहार गति' के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। सड़क, पेयजल, सिंचाई, औद्योगिक, ऊर्जा एवं सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं में हो रही देरी को तत्काल दूर किया जाय। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक विभाग में प्रमुख परियोजनाओं की नियमित माॅनिटरिंग की जाये तथा जहां भी बाधायें आ रही हों, उन्हें चिन्हित कर तत्काल निराकरण किया जाये। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त माहिर कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आनंद किशोर, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, उद्योग सचिव कंदन कुमार, ऊर्जा सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार सचिव जय सिंह, समाज कल्याण सचिव विनोद सिंह गोंज्याल, खेल सचिव दीपक आनंद, जल संसाधन सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.