
बिहार की बेटियाँ स्वावलंबी बनेंगी और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगी।
Awaz E Bihar••41 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
पटना (एबीएन) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक सेवक आवास स्थित संकल्प ऑडिटोरियम से भट्टा के स्कंदपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (महिला) पटना के स्थायी कैंपस का रिमोट के माध्यम से नाम की तख्ती का अनावरण कर सoundation रखा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि आज स्कंदपुर, भट्टा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (महिला) पटना का शिलान्यास किया गया है। मुझे भी इस समारोह में शामिल होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग ले रहा हूं। बिहार की बेटियों के लिए कौशल प्रशिक्षण का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। बिहार के लोगों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से बिहार की बेटियां कौशलयुक्त, स्वावलंबी बनेंगी और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगी। आज का शिलान्यास कार्यक्रम केवल एक भवन का निर्माण नहीं बल्कि बिहार की क्षमताओं को आगे बढ़ाने, स्वावलंबी बनने और आत्मविश्वास हासिल करने के अवसर भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास समृद्ध बिहार की मजबूत नींव है। युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त बनाकर ही समृद्ध बिहार और विकसित भारत के दृष्टिकोण को पूरा किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को नई गति मिली है। महिलाएं प्रगति कर रही हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने भी बिहार में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई काम किए हैं। जयनारायण निषाद कर्पूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटी, जिसका नाम भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा गया है, का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को मानक प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में लगभग 1500 कौशल प्रशिक्षण केंद्र काम कर रहे हैं। लगभग 12 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में 1 लाख 38 हजार युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 पॉलिटेक्निक संस्थान चल रहे हैं। बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज केवल 10 रुपये की फीस पर मानक तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। पॉलिटेक्निक संस्थान में केवल 5 रुपये की फीस पर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है और राज्य में कौशलयुक्त मानव संसाधन उत्पन्न हो रहे हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थान में लैंग्वेज लैब भी स्थापित किए गए हैं, जहां छात्र जापानी, जर्मन और फ्रेंच जैसी भाषाएं सीख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य न केवल युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है, बल्कि उन्हें सक्षम बनाना है कि वे अपने संस्थान स्थापित कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (महिला), पटना का स्थायी कैंपस महिलाओं को कौशलयुक्त, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक बड़ा केंद्र बन जाएगा और एक समृद्ध बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्किल इंडिया मिशन का शुभारंभ किया और इस उद्देश्य के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया। कौशलयुक्त युवा 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बिहार के युवा समृद्ध बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम केंद्र सरकार और बिहार सरकार के सभी अधिकारियों को आज के कार्यक्रम के लिए बधाई देते हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। बिहार की बहनें और बेटियां कौशलयुक्त बनेंगी और देश को आगे बढ़ाएंगी। कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार और केंद्र सरकार के कौशल विकास और उद्योगकरण मंत्रालय के बीच स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (एसआईसी) की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए और इसका आदान-प्रदान किया गया। इसे बिहार के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुसार कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें विदेशों में रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। नेशनल स्किल ट्र
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