पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस से बेहतर विदाई का हकदार थे: राजेश राम
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पटना, 17 अप्रैल (एबीएन) बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने बिहार में नई सरकार के गठन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार इस तरह की विदाई के हकदार थे। राजेश राम ने यूएनआई से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 2025 का बिहार चुनाव जिस नेतृत्व में लड़ा, उसी नेता को महज पांच महीने के भीतर पद से हटा देना राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राजनीतिक इरादों को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जैसे कई अन्य राज्यों के उदाहरण मौजूद हैं जहां बीजेपी ने अपने सहयोगियों की स्थिति कम कर दी है। उनका कहना था कि समय के साथ बीजेपी के सहयोगी अपना महत्व खो देते हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह द्वारा कांग्रेस को कमजोर बताने पर कहा कि उन्हें अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए, जिसे उनकी अपनी सहयोगी बीजेपी खत्म करने पर तुली हुई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बिहार में कांग्रेस संगठन पिछले कुछ वर्षों से पुनर्गठन के चरण से गुजर रहा है और इसे और मजबूत बनाने की जरूरत है। राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य में संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक विशेष "सर्जन साथी जन सम्पर्क अभियान" शुरू किया है, जिसके माध्यम से बड़ी संख्या में मेहनती कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की जाएगी। पार्टी का लक्ष्य ऐसे पांच लाख कार्यकर्ताओं की टीम बनाना है जो कांग्रेस के विचारों को जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही बिहार में कांग्रेस का संगठन एक नए रूप में नजर आएगा, जहां आम कार्यकर्ता भी डिजिटल माध्यमों के माध्यम से उच्च नेतृत्व से सीधा संपर्क कर सकेंगे। राजेश राम ने पार्टी में अनुशासन की कमी और हाल ही में आयोजित राज्यसभा चुनाव के दौरान तीन विधायकों की अनुपस्थिति पर कहा कि इन विधायकों से संबंधित रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेज दी गई है और इस पर जल्द फैसला किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि अनुशासन के मामले में कुछ खामियां सामने आई हैं, जिन पर पार्टी गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द सुधार देखने को मिलेगा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में पिछले चुनाव के दौरान कई कारणों से पार्टी का वोट बैंक सीटों में तब्दील नहीं हो सका, लेकिन संगठन की मजबूती के साथ दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का नाम इतिहास से जुड़ा हुआ है और आज भी राज्य में कई ऐसे परिवार मौजूद हैं जिनकी कई पीढ़ियां इस पार्टी से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मानसिक और भावनात्मक जुड़ाव को फिर से खोजने की कोशिश करेगी और लोगों को एक बार फिर पार्टी से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। राजेश राम ने यह भी स्वीकार किया कि राजनीतिक मैदान में बिहार में कांग्रेस के पास अब खोने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है, लेकिन हासिल करने के लिए बहुत कुछ मौजूद है।