’गंगा टू ग्लोबल‘ से बिहार के छात्रों को वैश्विक उड़ान
Awaz E Bihar••75 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
पटना, 12 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत इस बात की है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान किए जाएं। 'गंगा टू ग्लोबल' की अवधारणा के तहत ललित नारायण मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड सोशल चेंज (एलएनएमआई) के छात्रों को देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों के कार्य करने के तरीकों, आधुनिक ज्ञान और अनुभवों से परिचित कराया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर में लगभग 100 छात्रों को एक माह के लिए विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह बात आज एलएनएमआई में आयोजित छात्रों के इंडक्शन एंड ओरिएंटेशन प्रोग्राम 'आगाज-2026' के उद्घाटन के अवसर पर कही। उन्होंने मोमबत्ती जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और 2026 में पास आउट होने वाले छह गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को सम्मानित किया। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ललित नारायण मिश्रा इंस्टीट्यूट बिहार के महत्वपूर्ण शैक्षणिक विरासत का हिस्सा है। इस समय संस्थान में लगभग 1600 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 3000 करने की दिशा में काम किया जाएगा। संस्थान में प्रवेश सीएटी और एमएटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर होता है। उन्होंने कहा कि 'गंगा टू ग्लोबल' के तहत बिहार के छात्रों को देश और विदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में सीखने और वहां के आधुनिक शैक्षणिक और अनुसंधान पद्धतियों को समझने का अवसर प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर में लगभग 100 छात्रों को एक माह का विदेश में एक्सपोजर दिया जाएगा, ताकि वे वैश्विक स्तर के संस्थानों के अनुभवों से लाभ उठा सकें। एलएनएमआई के लिए 10 एकड़ भूमि मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पटना में बनने वाली नई टाउनशिप के विकास प्रक्रिया में एलएनएमआई को सेटेलाइट कैंपस की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा संस्थान में छात्रों के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस और क्वांटम कंप्यूटर सेंटर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों की स्थापना का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक प्रौद्योगिकी, नीति निर्माण, शहरी विकास, प्रशासन और शासन के क्षेत्रों में अध्ययन, अनुसंधान और व्यावहारिक अनुभव के बेहतर अवसर प्रदान करना है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के कई कदम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं। 15 जुलाई को शुरू किए गए 211 डिग्री कॉलेजों में 10 अगस्त से शिक्षकों की नियुक्ति के साथ शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। राज्य में 551 मॉडल स्कूल भी शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से छात्र रात 11 बजे के बाद भी ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, शिक्षकों से प्रश्न पूछ सकेंगे और परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। मगध के ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में युवाओं की भूमिका श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की गौरवशाली मगध इतिहास और महान सांस्कृतिक विरासत को पुनः वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में छात्र और युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बिहार के युवा दुनिया के किसी भी हिस्से में रहें, उन्हें अपनी मिट्टी और अपने वतन से जुड़े रहना चाहिए और राज्य के विकास और समृद्धि में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और हर क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की भूमिका बढ़ रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए छात्रों को भविष्य की प्रौद्योगिकी और बदलती हुई आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर काम किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में नदियों को जोड़ने की परियोजना शुरू की गई थी। राज्य में कोसी, नरायणी और गंगा नदी बेसिन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि जल का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि बेहतर जल प्रबंधन के परिणामस्वरूप इस समय बिहार में लगभग 44 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। लगभग 200 किलोमीटर लंबी मेरिन ड्राइव को 2030 तक पीपीपी मोड में निर्माण करने की योजना है, जिस पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार क