झारखंड विधानसभा में पहला अनुपूरक बजट पेश, विपक्ष का जोरदार हंगामा
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झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन आज सदन में जेपीएससी और जेएसएससी की महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अनियमितताओं के मामले पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों की तीखी مخालफत और नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही पूरी तरह से प्रभावित रही। बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही को दोपहर 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक इस मामले पर वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान विपक्ष के नेता बाबू लाल मरांडी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में होने वाली लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। उन्होंने कहा कि 11वीं से 13वीं और 14वीं जेपीएससी के साथ-साथ जेएसएससी सीजीएल, प्रोडक्शन कांस्टेबल और पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीदवार इस भारी बारिश के बावजूद अपने मांगों पर सड़कों पर उतरकर विरोध करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच अदालत की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग दोहराई। विपक्ष के इस रुख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाना है और सलाहकार समिति की बैठक में इस मामले पर चर्चा करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि नियमित चर्चा और बहस के दौरान विपक्ष को अपना रुख रखने का पूरा मौका मिलेगा, इसलिए सदन में रुकावट डालना अनुचित है। चर्चा के दौरान پردीप यादव ने सीबीआई जांच के मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीआईडी जांच से किसे डर लग रहा है? आज तो खुद सीबीआई की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अगर जांच करानी ही है तो पहली से लेकर तीसरी जेपीएससी परीक्षा तक की जांच होनी चाहिए। कांग्रेस विधायक दल के नेता श्री यादव ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीआईडी जांच में अब तक 20 से अधिक आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, तो विपक्ष के नेता को सीआईडी पर भरोसा क्यों नहीं है? विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री सुदीव्य कुमार ने पूर्व के मामलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पहली और दूसरी जेपीएससी परीक्षाओं में भी अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे और उनकी सीबीआई जांच भी कराई गई थी। लेकिन उस जांच का नतीजा क्या निकला? मंत्री महोदय ने तंज कसते हुए कहा कि उस समय धांधली के जरिए बहाल होने वाले कई लोगों के रिश्तेदार आज भी सरकारी नौकरियों में बने हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज सीबीआई की विश्वसनीयता पर सवाल हैं और विपक्ष को पहली से तीसरी जेपीएससी की नियुक्तियों पर भी अपना रुख रखना चाहिए। श्रीमती त्रिकी ने कहा कि राज्य के बिरसा किसानों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना कृषि क्षेत्र में वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिरसा किसानों को बैंकिंग सेवाएं, केसीसी तथा आवश्यकतानुसार कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए संस्थागत ऋण की सुविधाओं से जोड़कर उनकी वित्तीय पहुंच और आर्थिक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बैंक शाखाओं, कृषि विभाग और जिला स्तर के संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वित प्रयासों की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन, बागवानी तथा अन्य संबद्ध गतिविधियां ग्रामीण आय और रोजगार के महत्वपूर्ण साधन हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीण परिवारों तक संस्थागत ऋण की पहुंच बनाने तथा स्वयं सहायता समूहों और किसान समूहों को वित्तीय सहायता से जोड़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। मिलेट्स, लाख और तसर सहित स्थानीय और पारंपरिक कृषि आधारित गतिविधियों में मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसरों के विस्तार में सहायक होगा। बाद में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही सोमवार 10 अगस्त को दोपहर 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।