जस्टिस सुरेन्द्र कुमार शर्मा से न्याय की उम्मीद खत्म: केजरीवाल
Awaz E Bihar••11 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस सुरेन्द्र कुमार शर्मा की अदालत में अपने मामले में पेश नहीं होने और कोई तर्क नहीं रखने का फैसला किया है। श्री केजरीवाल ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा, "जस्टिस सुरेन्द्र कुमार शर्मा से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट चुकी है। अपने विवेक की आवाज सुनते हुए, महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलते हुए और सत्याग्रह के भाव के साथ, मैंने उनके सामने पेश नहीं होने का फैसला किया है।" उन्होंने कहा, "मैंने हितों के टकराव के कारण जस्टिस सुरेन्द्र कुमार शर्मा से अपने मामले से खुद को अलग करने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने स्वयं सुनवाई करने का फैसला सुनाया। इस मामले में जस्टिस सुरेन्द्र कुमार शर्मा जो भी फैसला सुनाएंगी, मैं उस पर अपने कानूनी अधिकार का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हूं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और मैं इसका पूरा सम्मान करता हूं, क्योंकि जब मेरे खिलाफ साजिशें हुईं तो न्यायपालिका ने ही मुझे आरोपों से बरी कर न्याय दिया था।" उन्होंने आगे कहा, "जीवन में कई बार ऐसे अवसर आते हैं जब जीत या हार का कोई अर्थ नहीं होता। इसके बजाय यह सवाल उठता है कि क्या सही है और क्या गलत। ऐसे समय में हमें यह तय करना होता है कि हम कठिन रास्ता चुनेंगे या आसान रास्ता। आज मैं भी एक ऐसे मोड़ पर खड़ा हूं। सभी जानते हैं कि मुझे एक झूठे मामले में फंसाया गया, जेल भेज दिया गया और एक निर्वाचित सरकार को गलत तरीके से गिरा दिया गया। हमें कई महीने जेल में रखा गया, लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई।" उन्होंने कहा, "मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। जब मुझे झूठे मामले में गिरफ्तार किया गया तो उसी न्यायपालिका ने मेरी जमानत मंजूर की और उसी न्यायपालिका ने मुझे उस झूठे मामले में बरी करार दिया। पिछले 75 वर्षों में जब भी देश पर संकट आया, हमारी न्यायपालिका ने देश को बचाया और नागरिकों के हितों का संरक्षण किया। मैं जस्टिस सुरेन्द्र कुमार शर्मा का भी बहुत सम्मान करता हूं और मुझे उनसे या उनके परिवार से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। लेकिन न्याय का एक बड़ा सिद्धांत है कि न्याय न केवल होना चाहिए बल्कि दिखना भी चाहिए। इसलिए मैंने उनसे अनुरोध किया था कि वे इस मामले से अलग हो जाएं, लेकिन उन्होंने मेरे तर्कों को खारिज कर दिया।" आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि यह बात मैंने आज एक पत्र लिखकर जस्टिस सुरेन्द्र कुमार शर्मा को भी बता दी है। मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत मतभेद नहीं है। अगर भविष्य में भी कभी मेरा कोई ऐसा मामला उनके सामने आता है जिसमें मेरे खिलाफ भाजपा, केंद्र सरकार या तुषार मेहता नहीं हैं, तो मैं उनके सामने जरूर पेश होऊंगा। आप पूछ सकते हैं कि अगर मैं उनके आदेश से सहमत नहीं हूं तो सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं जा रहा? मैं इसकी तैयारी कर रहा हूं। यह पूरा मामला बहुत नाजुक और संवेदनशील है।