डिजिटल संचार के माध्यम से जनगणना को सफल बनाएं: मोदी
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जनता से अपील की कि वे डिजिटल भागीदारी के माध्यम से जनगणना 2027 को सफल बनाएं। श्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में कहा कि जनगणना 2027 को डिजिटल बनाया गया है और सभी जानकारी सीधे डिजिटल माध्यमों में दर्ज की जाएंगी। जनगणना के लिए घर-घर जाने वाले अधिकारी लोगों से बात करके मोबाइल ऐप में सभी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके अलावा इस बार लोगों को स्वयं भी अपनी जानकारी डिजिटल रूप से अपलोड करने की सुविधा प्रदान की गई है। यह सुविधा अधिकारी के आने से 15 दिन पहले शुरू हो जाएगी, ताकि लोग अपनी सुविधा के अनुसार अपने समय पर सभी जानकारी दर्ज कर सकें। उन्होंने बताया कि जानकारी इकट्ठा करने के बाद लोगों को मोबाइल या ईमेल पर एक विशेष आईडी मिलेगी। बाद में जब अधिकारी घर आएगा तो वह इस आईडी के माध्यम से जानकारी की पुष्टि कर सकेगा। इससे एक ओर समय की बचत होगी और दूसरी ओर प्रक्रिया आसान हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की कि वे डिजिटल तरीके से अपनी विवरण स्वयं दर्ज करके जनगणना 2027 को सफल बनाएं। उन्होंने इसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान बताया और कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। श्री मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम "मन की बात" में रविवार को कहा कि इस माह देश के कई हिस्सों में नए साल समेत कई त्योहार मनाए गए। कुछ ही दिनों बाद 9 मई को "पोचिशे बोइशाख" के अवसर पर गुरुदेव टैगोर की जयंती मनाई जाएगी। गुरुदेव एक बहुमुखी व्यक्तित्व के मालिक थे। वे एक महान साहित्यकार और विचारक होने के साथ-साथ कई प्रसिद्ध संस्थानों के निर्माता भी थे। उन्होंने कहा कि गुरुदेव टैगोर ऐसे उद्योगों के समर्थक थे जिनमें स्थायी रोजगार के साथ ग्रामीण विकास भी शामिल था। उनके रबींद्र संगीत का प्रभाव आज भी पूरी दुनिया में कायम है। मेरे लिए शांति निकेतन की यात्रा अविस्मरणीय रही है। यह वही संस्थान है जिसे उन्होंने पूरी लगन और मेहनत से स्थापित किया था। मैं उन्हें एक बार फिर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मई का महीना 1857 की पहली स्वतंत्रता संग्राम की याद भी दिलाता है। मैं मातृभूमि के सभी वीर पुत्रों को सलाम करता हूं जिन्होंने लोगों में देशभक्ति की भावना जागृत की। यह समय स्कूली बच्चों की छुट्टियों का भी होता है। मेरा अनुरोध है कि वे अपनी छुट्टियों से भरपूर लाभ उठाएं और कुछ नया सीखने का प्रयास करें। गर्मियों के इस मौसम में आप सभी अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें। गणित ओलंपियाड में हमारी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया: मोदी नई दिल्ली, 26 अप्रैल (यूएनआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की बेटियों की शैक्षिक उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा है कि फ्रांस के शहर बोर्डो में आयोजित यूरोपीयन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड में भारतीय टीम ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और विश्व स्तर पर छठा स्थान हासिल किया है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में रविवार को बोलते हुए प्रधानमंत्री ने इस विश्व प्रतियोगिता और इसमें शामिल छात्राओं के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत की चार प्रतिभाशाली छात्राओं ने हिस्सा लिया और पदक जीतकर इतिहास रचा। उन्हें इस प्रतिभाशाली टीम पर बहुत गर्व है, जिसमें मुंबई से श्रेया मांध्रे, तिरुवनंतपुरम से संजना चाको, चेन्नई से शिवानी भारत कुमार और कोलकाता से श्रीमोयी बीरा शामिल हैं। हमारी टीम विश्व में छठे स्थान पर रही। इस प्रतियोगिता में श्रेया ने स्वर्ण पदक, संजना ने रजत और शिवानी ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने कहा कि भारत में इस ओलंपियाड के लिए चयन प्रक्रिया बहुत चुनौतीपूर्ण है। इसमें एक बहु-चरण चयन प्रक्रिया शामिल है, जिसमें क्षेत्रीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कठिन चुनौतियों पर काबू पाने की आवश्यकता होती है। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र एक महीने तक चलने वाले गणित प्रशिक्षण शिविर में भाग लेते हैं। इस शिविर के समापन पर टीम चयन परीक्षा होती है, और भारतीय टीम का चयन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। श्री मोदी ने बताया कि हर साल देश भर से लगभग 6 लाख छात्राएं गणित के इस ओलंपियाड कार्यक्रम में भाग लेती हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने इस ओलंपियाड संस्कृति की लोकप्रियता पर संतोष व्यक्त किया और इन बेटियों का भरपूर समर्थन करने पर माता-पिता की भी प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इन बेटियों की सफलता देश की अन्य लाखों छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। श्री मोदी ने कहा कि "उत्तर-पूर्व हम सभ