मौलाना सलीम चतुर्वेदी की गिरफ्तारी कानून का खुला उल्लंघन: अख्तर-उल-इमान
Awaz E Bihar••10 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
पटना (एबीएन) जाने-माने वक्ता, धार्मिक और राजनीतिक नेता मौलाना सलीम चतुर्वेदी को जिस तरह और तरीके से गिरफ्तार किया गया है, उस पर अब हर विचारधारा के लोगों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। करीब दो साल पहले एक रैली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य योगी को कथित तौर पर अपशब्द कहने का एक वीडियो क्लिप जारी होने के बाद मौलाना सलीम चतुर्वेदी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मामले दर्ज किए गए हैं। एसटीएफ ने उसे पूर्णिया जिले के अमोरथाना के दलमालपुर चौक से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद उन्हें गोरखपुर ले जाया गया और बाद में बहराईच की एक अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. वह फिलहाल जेल में हैं. एसटीएफ ने फिल्मी स्टाइल में सिविल ड्रेस में उसे गिरफ्तार कर लिया. मौलाना सलीम चतुर्वेदी की गिरफ्तारी से सेमांचल समेत देश के अन्य हिस्सों में आक्रोश फैल गया है. इस संबंध में एमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तर उल अयमान ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एक प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान और धार्मिक नेता की इस तरह से गिरफ्तारी कानून का खुला उल्लंघन है. एसटीएफ को इसकी सूचना स्थानीय एसपी और स्थानीय पुलिस प्रशासन को देनी होगी और उन्हें स्थानीय अदालत में पेश करना होगा। अगर मौलाना सलीम चतुर्वेदी ने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है तो उनके लिए अदालत है और पुलिस को इस मामले में उन्हें सजा देने का कोई अधिकार नहीं है. अख्तरुल अयमान ने कहा कि बहराईच कोर्ट में पेश होने से पहले उसकी हालत से साफ था कि वह ठीक से चल नहीं पा रहा था. यह इस बात का सबूत है कि पुलिस ने उन्हें पीटा और प्रताड़ित किया. हम किसी भी तरह की धार्मिक नफरत का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन जिस तरह से मौलाना सलीम चतुर्वेदी को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, उसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। हम बिहार सरकार से मांग करते हैं कि वह जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप करें, क्योंकि यह राज्य सरकार के लिए सम्मान का भी मामला है. इस संबंध में हमने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री सम्राट चौधरी के अलावा राज्य मानवाधिकार आयोग को भी याचिका सौंपी है.