पटना में मुख्यमंत्री के निवास स्थान पर बैठकों का दौर जारी
Awaz E Bihar••6 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
बिहार की राजनीति में पिछले दो महीनों से जारी हलचल अब अपने अंतिम चरण में पहुंचने वाली है, क्योंकि मुख्यमंत्री के आवास पर बैठकों का सिलसिला जारी है। एक और महत्वपूर्ण बैठक रविवार को मुख्यमंत्री के आवास पर होने वाली है, जिसमें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भाग लेंगे। जेडीयू और बीजेपी के सभी विधायकों को पटना तलब किया गया है। आज की बैठक में जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी बैठक में भाग लेने के लिए पटना पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार को दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी बैठक की। नीतीश कुमार ने कल मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू नेताओं के साथ भी बैठक की। बैठक के दूसरे दिन नीतीश कुमार ने 1 अने मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया और 7 सर्कुलर रोड पर चले गए। इसके बाद से नए मुख्यमंत्री और उनके इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सुमित कुमार सिंह रविवार को सुबह 12 घंटे के अंतराल में दूसरी बार मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार दोनों नेता नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के चेहरे के संबंध में महत्वपूर्ण चर्चा कर रहे हैं। अमित शाह, विनोद तावड़े और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को दिल्ली में बैठक की। दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद सुमित कुमार सिंह और नीतीश कुमार के बीच हुई इस बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे बिहार में नई सरकार के आकार और नेतृत्व के संबंध में जल्द ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है।
यह लगातार बैठकें और चर्चा इस बात का संकेत दे रही है कि आगामी दो-तीन दिनों में राजनीतिक स्थिति और अधिक स्पष्ट हो जाएगी। बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। उनके साथ मंत्री लक्ष्मीन्दर पासवान भी मौजूद थे। लगभग 30 मिनट की बैठक के बाद नेताओं ने संकेत दिया कि स्थिति जल्द ही स्पष्ट हो जाएगी और भविष्य की सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी बैठक के बाद लोक भवन लौट गए, जहां उन्होंने लगभग आधे घंटे तक अधिकारियों से बातचीत की। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की, ताकि नई कैबिनेट के ढांचे और युवा चेहरों को शामिल करने पर चर्चा की जा सके।
सूत्रों के अनुसार आज मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है, जिसमें कैबिनेट विस्तार, मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे पर चर्चा की जाएगी और इन मामलों पर आगामी दो दिनों में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा जेडीयू और बीजेपी दोनों के विधायकों को पटना में रहने का निर्देश दिया गया है। जो अभी तक नहीं पहुंचे हैं उनसे कहा गया है कि वे जल्द ही राजधानी पहुंच जाएं। विधायकों के पटना आगमन का सिलसिला आज सुबह जारी रहने की उम्मीद है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वर्तमान सरकार की कैबिनेट की अंतिम बैठक 13 अप्रैल को हो सकती है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इस्तीफे के तुरंत बाद एनडीए विधायक दल की एक बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें औपचारिक रूप से नए नेता का चयन किया जाएगा और सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा।
नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शपथ दिलाई। इसके साथ ही नीतीश कुमार उन नेताओं के चुनिंदा समूह में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने चारों सदनों - लोकसभा, राज्यसभा, बिहार विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य के रूप में काम किया है।