मोदी की विपक्ष पर आलोचना- कुछ लोग हिंदुस्तान का भला नहीं सोच सकते
Awaz E Bihar••22 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
नई दिल्ली, 15 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी का नाम लिए बिना विपक्ष पर हमला किया और कहा कि कुछ लोग देश की तरक्की देख नहीं सकते हैं और भारत का भला नहीं सोच सकते हैं, इसलिए वे लोगों को गुमराह करने में लगे रहते हैं। श्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए शनिवार को कहा कि भारत के पास सरकार, सक्रिय लोकतंत्र और सभी का मार्गदर्शन करने वाला संविधान है और इसके आधार पर देश संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग हैं जो तरक्की देख नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि "कुछ लोग भारत का भला सोच नहीं सकते हैं। देश को ऐसे लोगों से बचना होगा। ऐसे मुट्ठी भर लोग निराशा के गर्त में डूबे हुए हैं और जब उनकी गोद में खराबी पलती है तो वह विनाश और बर्बादी का कारण बन जाती है। ऐसे छोटे-मोटे निराशाजनक तत्वों को समझना चाहिए।" उन्होंने कहा कि भारत के पास स्थिर राजनीतिक जनादेश, स्थिर सरकार, सक्रिय लोकतंत्र, मजबूत न्यायपालिका और सभी का मार्गदर्शन करने वाला संविधान है। इसके बावजूद अभी देश में राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। श्री मोदी ने कहा कि उनका सपना है कि ऐसे एक लाख युवा राजनीति में आएं, जिनके परिवार का राजनीति से कोई संबंध नहीं रहा है। यह युवा किसी भी राजनीतिक दल में जा सकते हैं और इससे देश की लोकतंत्र और मजबूत होगी। श्री मोदी ने इस अवसर पर सेक्युलर एक समान सिविल कोड की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि इस दिशा में राज्य सरकारों को आगे बढ़ना चाहिए। एक समान सिविल कोड भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पुराना मुद्दा रहा है। महिलाओं के संरक्षण के संबंध में उन्होंने कहा कि "मैं राष्ट्रीय ध्वज के नीचे खड़े होकर विपक्षी दलों से हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूं कि वे महिलाओं के लिए विधायी विधानसभाओं में संरक्षण प्रणाली को लागू करने में सहयोग करें।" एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई हुनरमंदता की मिलेगी ट्रेनिंग: प्रधानमंत्री नई दिल्ली, 15 अगस्त (यूएनआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आगामी एक साल में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की हुनरमंदता की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि हमारे देश का युवा एआई की दुनिया में नेतृत्व करने की क्षमता पैदा कर सके। श्री मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं के लिए शिक्षा, हुनरमंदता और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि आगामी एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि भारत के युवा इस तेजी से बढ़ते क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि 35 साल बाद देश में नई शिक्षा नीति लेकर आए हैं, जिसका फायदा मध्यम वर्ग के परिवारों को हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2004 से 2014 के बीच देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 350 से भी कम थी, आज 12-10 साल के भीतर 650 नए विश्वविद्यालय खुल चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले मेडिकल शिक्षा के केवल चार सौ कॉलेज हुआ करते थे, आज लगभग 850 कॉलेज हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में विदेशी विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। देश के युवाओं को विदेशी शैक्षिक संस्थानों से डिग्री मिले, इसका भी प्रबंध हो चुका है। श्री मोदी ने कहा कि हमारे देश के युवा का मन बचपन से ही प्रौद्योगिकी की ओर आकर्षित हो, इस दिशा में काम कर रहे हैं, इसलिए देश में 10 हजार से अधिक अटल टिंकरिंग लैब छोटे बच्चों के हवाले कर दी गई हैं, ताकि उनका आविष्कार और प्रौद्योगिकी की ओर रुझान पैदा हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, हुनरमंदता, स्टार्ट अप और नई प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में हो रहे विस्तार से देश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाकर विकसित भारत के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। श्री मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों की सोच के कारण देश ऊर्जा के लिए विदेशी देशों पर निर्भर है। पिछले 12 साल में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए उनकी सरकार ने वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने परमाणु ऊर्जा की उत्पादन बढ़ाने के लिए 'शांति बिल' पारित किया है। उन्होंने कहा कि "साल 2047 तक हमने 100 गीगावाट का लक्ष्य रखा है। इस दशक में पांच नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।" ब्रीडर रिएक्टर से परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले देश में केवल 70 शहरों में पाइप के माध्यम से गैस की व्यवस्था थी। बारह साल में उनकी सरकार ने इसे 700 शहरों तक पह