तीन वर्षों में 10 लाख से अधिक लड़कियों को मिला मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ
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पटना, 28 मार्च (एबीएन) मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत तीन वर्षों में 10 लाख से अधिक लड़कियों को लाभ पहुंचाया गया है। वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक, 12 लाख 53 हजार 831 लड़कियां पंजीकृत हुईं, जिनमें से 10 लाख 35 हजार 770 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से राशि वितरित की जा चुकी है। वित्त वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से पंजीकरण प्रक्रिया में जनवरी के अंतिम सप्ताह से देरी हुई थी। अब तक 1 लाख 10 हजार 367 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि पंजीकरण प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही अधिक लाभार्थियों को मदद मिलेगी।
सामाजिक कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में 3 लाख 52 हजार 413 लाभार्थियों और 2024-25 में 3 लाख 36 हजार 699 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया है। योजना के तहत, नवजात लड़की को उसके जन्म के पहले वर्ष में 2 हजार रुपये और एक वर्ष पूरा होने पर जन्म पंजीकरण और आधार पंजीकरण के बाद 1 हजार रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रदान किए जाते हैं। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (एमकेयूवाई) ने राज्य में लड़कियों के जन्म, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने में लगातार सफलता हासिल की है। 3 अगस्त 2018 को शुरू की गई, इस योजना का मुख्य उद्देश्य लड़कियों की नस्ल हत्या को रोकना, जन्म पंजीकरण को प्रोत्साहित करना और बाल विवाह को समाप्त करना है।
बेटियों के भविष्य की मजबूत नींव: बिहार में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना लागू है। यह लड़कियों को उनके जन्म से लेकर उनकी शिक्षा और स्वावलंबन तक वित्तीय सहायता प्रदान करता है। यह न केवल एक सामाजिक संदेश देता है कि बेटियां बोझ नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज के लिए एक शक्ति हैं। बिहार सरकार का यह कदम राज्य में लिंग अनुपात में सुधार, लड़कियों की शिक्षा दर में वृद्धि और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।