बिहार में सार्वजनिक सेवाओं का दायरा विस्तृत, 'सहयोग सेवा' के माध्यम से 5.33 लाख से अधिक आवेदनों का निपटारा
Awaz E Bihar••84 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना, 31 जुलाई (एबीएन): बिहार सरकार ने अपनी प्रशासनिक प्राथमिकताओं में जनता की समस्याओं के समय पर और पारदर्शी समाधान को शामिल करते हुए राज्य भर में 'सहयोग शिविर' अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया है। सूचना और जनसंपर्क विभाग के प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मोहम्मद सुहेल ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य में जनता के अनुकूल और जवाबदेह प्रशासन प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है, जिसके तहत हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी पंचायतों, ब्लॉकों और शहरी निकायों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 19 मई 2026 से शुरू हुई इस अभियान के दौरान अब तक 5 लाख 83 हजार 866 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 लाख 33 हजार 904 आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष आवेदनों पर कार्रवाई तेजी से जारी है। उनके अनुसार सबसे अधिक आवेदन भोजपुर, पश्चिम चंपारण, पटना, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर जिलों से प्राप्त हुए हैं।
मोहम्मद सुहेल ने कहा कि जनता को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्करों से मुक्ति दिलाने के लिए सहयोग पोर्टल तैयार किया गया है, जहां नागरिक किसी भी समय ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से भी जनता को सहयोग शिविर से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग की कार्यक्षमता का जायजा पेश करते हुए बताया कि अधिकारियों के लिए सेवा अधिकार अधिनियम 2011 के क्रियान्वयन के बाद अब तक 53 करोड़ 80 लाख से अधिक आवेदनों का सफल समाधान किया जा चुका है। राज्य के पंचायत सरकार भवनों में स्थापित जन सेवा केंद्रों के माध्यम से इस समय 64 से अधिक सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को ब्लॉक या जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं रह गई है।
उन्होंने आगे बताया कि पंचायत स्तर पर 33 लाख 77 हजार 620 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 33 लाख 48 हजार 776 का निपटारा किया जा चुका है। सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए 23 जून 2026 से स्वचालित अपील (ऑटो अपील) प्रणाली भी लागू की गई है, जिसके तहत अब तक 6934 अपीलें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 5503 का समाधान हो चुका है।
मोहम्मद सुहेल ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम 2015 के तहत हर कमिश्नरी और जिले में लोक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इस प्रणाली के माध्यम से अब तक 19 लाख 38 हजार से अधिक लोक शिकायतों का सफल निवारण किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बीपीएआरडी), पटना और गया को इस वर्ष आईएसओ 9001:2015 अंतर्राष्ट्रीय मानक का प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है, जो संस्थान की मानक प्रशिक्षण और प्रशासनिक सेवाओं का सम्मान है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिव ने सरकारी कर्मचारियों के शिकायत निवारण प्रणाली, अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता निर्माण, मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना, युवाओं को प्रदान किए गए रोजगार, मानव संसाधन के प्रशासनिक प्रणाली, स्थानांतरित और गैर-स्थानांतरित संपत्तियों की ऑनलाइन विवरण, हेल्पलाइन और कॉल सेंटर की सेवाओं सहित सरकार के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदमों से भी मीडिया को अवगत कराया।
इस अवसर पर सामान्य प्रशासन विभाग के विशेष सचिव संजय कुमार, बीपीएसएम के अतिरिक्त मिशन निदेशक मोहम्मद राशिद कलीम अन्सारी, संयुक्त सचिव मोहम्मद अफाक अहमद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।