दो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर 2 मई को पुनर्मतदान कराने का आदेश जारी किया गया है
Awaz E Bihar••14 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर 2 मई को पुनः मतदान कराने का आदेश जारी किया है। आयोग ने 29 अप्रैल को इन केंद्रों पर हुए मतदान को रद्द करते हुए यह कदम उठाया है, जिसके बाद संबंधित क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं।
चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि यह निर्णय संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्टों के आधार पर लिया गया है। आयोग के अनुसार 142-मगरहाट पश्चिम और 143-डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों में कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया में ऐसी अनियमितताएं सामने आईं, जिनके कारण निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के सिद्धांत प्रभावित हुए। इसी आधार पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 58(2) के तहत इन केंद्रों के मतदान को रद्द कर दिया गया।
आयोग के आदेश के अनुसार 2 मई 2026 को इन सभी 15 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनः मतदान होगा। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वह सुरक्षा के उचित प्रबंधों को सुनिश्चित करे और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए।
142-मगरहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान होगा, जिनमें उत्तर येरपुर एफपी स्कूल (कमरा नंबर 2), नाजरा एफपी स्कूल (कमरा नंबर 1 और 2), दियूला एफपी स्कूल (कमरा नंबर 1), घोला नोवियापार गर्ल्स हाई स्कूल (कमरा नंबर 2), एकतारा मिलिया एफपी स्कूल (कमरा नंबर 1 और 2), एकतारा मिलिया धुरा एफपी स्कूल (कमरा नंबर 1) और बहरपुरिया कुरकुरिया एफपी स्कूल (कमरा नंबर 1, 2 और 3) शामिल हैं।
इसी तरह 143-डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के चार मतदान केंद्रों पर भी पुनः मतदान होगा, जिनमें बगदा जूनियर हाई स्कूल, चंदा एफपी स्कूल (कमरा नंबर 2), हरिदेवपुर एफपी स्कूल और राइनगर एफपी स्कूल (कमरा नंबर 2) शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह इन क्षेत्रों में पुनः मतदान की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रचारित करे, ताकि मतदाताओं को समय पर जानकारी मिल सके। साथ ही सभी उम्मीदवारों को भी लिखित रूप से इस निर्णय से अवगत कराने को कहा गया है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
स्पष्ट है कि इन सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, तो बाद में प्राप्त रिपोर्टों में अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया, जिसके बाद आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए पुनः मतदान का निर्णय लिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को अपेक्षित हैं, जिसके लिए राज्य भर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं।