सीता मढ़ी मेडिकल कॉलेज अब 'माँ सीता' मेडिकल कॉलेज कहलाएगा
Awaz E Bihar••27 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना:(एबीएन) मुख्यमंत्री समराट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि आज की बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन फैसलों से राज्य में आधुनिक प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही पारदर्शिता और अच्छे शासन को भी मजबूती मिलेगी। सरकार की प्राथमिकताओं में विकास और डिजिटल प्रणाली शामिल है। बिहार में नगर निकाय चुनाव में अब ई-वोटिंग हो सकेगी। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पूरे राज्य में 400 एयर कंडीशन इलेक्ट्रॉनिक बसें चलाई जाएंगी। कैबिनेट की बैठक में आज इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट की बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात एआई के क्षेत्र में प्रगति लाने के लिए 'बिहार एआई मिशन' के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से दिया जाएगा। इससे प्रशासनिक मामलों, वित्तीय प्रबंधन, कृषि, सामाजिक कल्याण और पर्यटन जैसे क्षेत्र में डेटा पर आधारित फैसले लेने में मदद मिलेगी और प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। नगर पालिका चुनाव 2026 में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और बाहर रहने वाले मतदाताओं को सुविधा देने के लिए ई-वोटिंग की व्यवस्था की जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 31.45 लाख रुपये खर्च होंगे और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एक केंद्रीय तकनीकी संस्थान को दी गई है। इससे मतदान की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी हो सकेगी। कैबिनेट की बैठक में आज प्रधानमंत्री ई-बस सेवा परियोजना के तहत बिहार के विशेष शहरों में 400 एयर कंडीशन इलेक्ट्रॉनिक बसें चलाने में होने वाले घाटे की भरपाई के लिए 517.16 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। पटना में 150 और मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया में 50-50 बसों के चलाने को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना को 12 वर्षों तक लागू किया जाएगा। इससे प्रदूषण कम होगा और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। राज्य कैबिनेट ने बक्सर, सारण और वैशाली में अपराध नियंत्रण कार्यों के लिए 175 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। जबकि सीतामढ़ी में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का नाम बदलकर 'मां सीता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल' रखा गया है। इसे अब कैबिनेट की मुहर लग गई है। सरकार ने सीतामढ़ी में निर्माणाधीन सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर 'मां सीता' के नाम से समर्पित करने का फैसला किया है। सरकार के विशेष सचिव मुरलीधर दास ने इस फैसले के बारे में बताया कि सीतामढ़ी, मिथिला के क्षेत्र में स्थित एक अत्यधिक पवित्र और ऐतिहासिक स्थल है। इस स्थान के धार्मिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने यहां निर्माणाधीन सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम अब 'मां सीता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल' रखने का फैसला किया है। कैबिनेट ने पटना (शहरी) के औद्योगिक क्षेत्र में हवाई अड्डे के पास स्थित बियाडा की 1.85 एकड़ जमीन मुफ्त में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है। उद्योग विभाग के सचिव के अनुसार, यह फैसला पटना हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के निर्माण और विस्तार के लिए लिया गया है। कैबिनेट की बैठक में राज्य में शहरी विकास, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे की मजबूती और प्रशासनिक सुधारों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई है। इन फैसलों का उद्देश्य बिहार में निवेश को बढ़ावा देना और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाना है।